स्कूटी योजना के नियमों पर राज्यपाल ने जताई आपत्ति, बोलीं- जरूरतमंद छात्राओं को मिले लाभ
कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल ने योजनाओं के क्रियान्वयन और शोध गुणवत्ता पर अधिकारियों को दिए निर्देश
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शोध की गुणवत्ता और विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध कराती है, लेकिन योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब उनका सही तरीके से क्रियान्वयन हो।
राज्यपाल ने छात्राओं के लिए प्रस्तावित स्कूटी योजना के नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि योजना के लिए बजट का प्रावधान होने के बावजूद समय पर नियम नहीं बनने से इसे लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि यदि योजना का लाभ केवल 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाली छात्राओं तक सीमित रहेगा तो इसका फायदा अधिकतर संपन्न परिवारों की छात्राओं को मिलेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से चर्चा कर योजना में आय सीमा शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि वास्तविक जरूरतमंद छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
शोध किसानों और समाज के लिए उपयोगी होना चाहिए
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में होने वाला शोध केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शोध का लाभ किसानों और समाज के जीवन में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों और शोधकर्ताओं से ड्रोन दीदी, महिला कृषकों और ग्रामीण महिलाओं के नवाचारों पर शोध करने का आह्वान किया।
उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से नई तकनीक, बेहतर बीज, मिट्टी सुधार और प्राकृतिक खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
यूपी की कृषि क्षमता का बेहतर उपयोग जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपजाऊ भूमि, जल संसाधन और गन्ना व आलू जैसी प्रमुख फसलों की पर्याप्त संभावनाएं हैं। इसके बावजूद कृषि क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को और गति देने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं और कृषि विशेषज्ञों से प्रदेश की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और अधिक उत्पादक बनाने का संकल्प लेने को कहा।
उन्होंने श्रीअन्न (मिलेट्स) अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
हॉस्टल और संसाधनों के उपयोग पर जताई चिंता
विश्वविद्यालय परिसर के निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने छात्रावासों और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कुछ छात्रावासों में मेस संचालन की व्यवस्था पर चिंता जताते हुए छात्र समितियों के माध्यम से संचालन की सलाह दी।
उन्होंने छात्रावासों में वाशिंग मशीन, कपड़े सुखाने की व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को एक माह के भीतर दूर कर अनुपालन रिपोर्ट राजभवन को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन ही वास्तविक बदलाव ला सकता है।
विद्यार्थियों को दिया 'देश प्रथम' का संदेश
अपने संबोधन में राज्यपाल ने विद्यार्थियों से देश प्रथम की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज, गांव, किसान और महिलाओं के विकास के लिए जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेने का अवसर है।


No comments:
Post a Comment