1. सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन से पहले AAP नेता अंकुश चौधरी नजरबंद, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

    मेरठ, 20 जुलाई। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन और कथित पेपर लीक मामलों के विरोध में आयोजित राज्यव्यापी प्रदर्शन के दौरान मेरठ में पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता अंकुश चौधरी को उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें प्रस्तावित विरोध मार्च में शामिल होने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की।

    पार्टी के अनुसार, राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर कमिश्नरी पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम निर्धारित था। अंकुश चौधरी ने दावा किया कि वह दिल्ली के जंतर-मंतर से लौटने के कुछ घंटों बाद सुबह लगभग तीन बजे अपने मेरठ स्थित आवास पर पहुंचे, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया।

    अंकुश चौधरी ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उनसे ज्ञापन पुलिस को ही सौंपने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने कहा कि यह ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम है और इसे प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से ही भेजा जाएगा। इसके बाद उन्होंने और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया।

    कुछ समय बाद प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी (एडीएम) मौके पर पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।

    अंकुश चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस बल और प्रतिबंधात्मक उपायों का सहारा ले रही है। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

    वहीं, इस संबंध में पुलिस और प्रशासन की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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