ललिता हत्याकांड:
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोका
सिवाया टोल पर बैरिकेडिंग कर रोका गया काफिला, बोले- परिवार ने लाठी-डंडों से पीटे जाने की शिकायत की
कांग्रेस के 32 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भी नहीं जाने दिया गया, गांव में भारी पुलिस बल तैनात
मेरठ। ललिता गौतम हत्याकांड में शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें थिरोट गांव जाने की अनुमति नहीं दी। मौके पर पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था और गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी।
चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि वह केवल पीड़ित परिवार से मिलने और उनकी बात सुनने जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के सदस्यों ने फोन और संदेश के माध्यम से जानकारी दी है कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि घटना 15 मई की है और अब तक करीब दो महीने बीत चुके हैं। यदि पुलिस समय पर प्रभावी कार्रवाई करती तो उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने आने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि पहले परिवार की बात सुनी जाएगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने जैसी कार्रवाई की आवश्यकता क्यों पड़ी।
उन्होंने कहा कि सरकार को उतनी ही सख्ती करनी चाहिए, जितनी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वह मौके पर बैठ गए तो बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
ललिता गौतम के परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस का 32 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी गांव जाने वाला था। इससे पहले ही पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में ही रोक दिया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
थिरोट गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई
पुलिस ने थिरोट गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। सभी संबंधित थानों को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
15 मई को लापता हुई थी ललिता
टीपीनगर थाना क्षेत्र निवासी बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत से उसका शव बरामद हुआ था।
परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मामले में तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करने की बात कही थी। मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दलित समाज के लोग आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।




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