धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा दिल दिखाया', इस्तीफे के बाद भावुक हुए अभिजीत दीपके के पिता

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार ने खुशी जताई। अभिजीत के पिता भगवान शंकर दीपके ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगें स्वीकार कर लीं और धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर बड़ा दिल दिखाया।

उन्होंने कहा, "मैं धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इस्तीफा देकर उदारता दिखाई। यह छात्रों के धैर्य, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत है।"

भावुक हुए माता-पिता

प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही अभिजीत के माता-पिता भावुक हो गए। उनकी मां अनीता दीपके ने कहा कि पिछले ढाई महीने से छात्र इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे और अब उन्हें सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अभिजीत ने कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोया और छात्रों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया।

'राजनीति में नहीं जाएगा बेटा'

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी और सेवानिवृत्त सिविल इंजीनियर भगवान शंकर दीपके ने कहा कि उनके परिवार का राजनीति से कभी कोई संबंध नहीं रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बेटा अभिजीत भी राजनीति में नहीं जाएगा। उनका सपना था कि अभिजीत यूपीएससी परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में जाए, लेकिन उसने पत्रकारिता और सामाजिक मुद्दों पर काम करने का रास्ता चुना।

इंजीनियरिंग छोड़ पत्रकारिता का चुना रास्ता

अभिजीत ने पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की, लेकिन रुचि न होने के कारण उसे छोड़कर पत्रकारिता में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशंस) में उच्च शिक्षा के लिए विदेश में अध्ययन किया। परिवार के अनुसार, छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करना उसका अपना निर्णय था और उसी संघर्ष ने उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

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