पीवीवीएनएल की ‘बी’ से ‘ए प्लस’ ग्रेड तक छलांग, ऊर्जा राज्य मंत्री ने दिए उपभोक्ता सेवाएं बेहतर करने के निर्देश
विद्युत आपूर्ति, शिकायत निस्तारण और चोरी रोकने की समीक्षा; बॉडी-वॉर्न कैमरों के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर
मेरठ। प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने मंगलवार को डिस्कॉम मुख्यालय ऊर्जा भवन, मेरठ में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के वाणिज्यिक, तकनीकी और उपभोक्ता सेवा संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पीवीवीएनएल के अंतर्गत आने वाले 14 जनपदों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
समीक्षा बैठक में ऊर्जा राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और समयबद्ध विद्युत सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। बैठक में डिस्कॉम की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें राजस्व संग्रह, स्मार्ट मीटरिंग, उपभोक्ता सेवाओं, शिकायत निस्तारण, विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और तकनीकी सुधारों से संबंधित कार्यों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि पीवीवीएनएल ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग में उल्लेखनीय सुधार करते हुए बी ग्रेड से ए प्लस ग्रेड हासिल किया है। इसे निगम के वित्तीय अनुशासन, परिचालन दक्षता और उपभोक्ता सेवा में सुधार की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम बताया गया।
बैठक में बताया गया कि निगम की ऑनलाइन उपभोक्ता सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। नए विद्युत कनेक्शन, भार परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन आधारित बिल निर्माण, ऑनलाइन भुगतान और विद्युत उपभोग संबंधी सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया, जनसुनवाई और उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ) के माध्यम से बहुस्तरीय व्यवस्था संचालित की जा रही है।
ऊर्जा राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित समयसीमा में उसका समाधान कराया जाए। उन्होंने विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए बनाए गए कंज्यूमर ग्रुप में उपभोक्ताओं को सीधे जोड़ने तथा विद्युत व्यवधान और उसके समाधान से संबंधित वास्तविक समय की उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
विद्युत सुरक्षा पर जोर देते हुए मंत्री ने प्रत्येक विद्युत दुर्घटना की गहन जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। उन्होंने फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों से सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
विद्युत चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा के दौरान ऊर्जा राज्य मंत्री ने बॉडी-वॉर्न कैमरों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे जांच और प्रवर्तन कार्रवाई में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ेगी और सतर्कता टीमों की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बैठक में लाइन लॉस और एटीएंडसी लॉस में कमी लाने के लिए व्यापक अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही SAIFI और SAIDI सूचकांकों में सुधार कर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति, समयबद्ध शिकायत निस्तारण और विद्युत चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर कार्रवाई की जाए। सभी स्तरों पर नियमित समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक के समापन पर प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) ने मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्री के मार्गदर्शन से अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्देशों का पालन करते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी प्रयास जारी रहेंगे।
बैठक में निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) आशु कालिया, निदेशक (वाणिज्य) संजय जैन, निदेशक (तकनीकी) एनके मिश्र, निदेशक (वित्त) स्वतंत्र कुमार तोमर, मुख्य अभियंता पीके सिंह, मो. सगीर, गुलाब सिंह, गुरजीत सिंह और रजनीकांत मिश्र सहित डिस्कॉम मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता मौजूद रहे।


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