राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेरठ में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में लिया हिस्सा, बोलीं- ‘डरिए मत, सामना कीजिए’
मेरठ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि स्वस्थ बेटी ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। बालिकाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों की प्रभावी रोकथाम संभव है।
राज्यपाल मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा स्वामी कल्याण देव चिकित्सालय के सहयोग से मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित ‘सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं का एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण किया गया।
माता-पिता बेटियों का समय पर टीकाकरण कराएं
राज्यपाल ने कहा, ‘डरिए मत, सामना कीजिए। यह वैक्सीन आपकी सुरक्षा के लिए है।’ उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में लोग कई बार टीकाकरण को लेकर भ्रमित हो जाते हैं, जबकि वैज्ञानिक शोधों के अनुसार एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में प्रभावी और सुरक्षित है।
उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे किसी भी भ्रम या भय में न आएं और अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार 9 से 14 वर्ष की आयु में एचपीवी टीकाकरण अधिक प्रभावी माना जाता है, क्योंकि इस उम्र में शरीर बेहतर प्रतिरक्षा विकसित करता है।
रोकथाम को बताया सबसे बेहतर उपाय
राज्यपाल ने कहा कि बीमारी का इलाज महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे अधिक जरूरी उसकी रोकथाम है। उन्होंने छात्राओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और परिवार एवं समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने अपने ‘मां-बेटी संवाद’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि मां और बेटी के बीच खुला संवाद स्वस्थ और आत्मविश्वासी समाज की नींव रखता है। माताओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मासिक धर्म स्वास्थ्य और जीवन मूल्यों जैसे विषयों पर बेटियों से खुलकर बातचीत करनी चाहिए। इससे बेटियों में जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनेंगी।
विश्वविद्यालय की पहल की सराहना
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने के केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज में जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा महिला स्वास्थ्य, जनजागरूकता और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रमों की सराहना की।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार, चिकित्सकों और कार्यक्रम के आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी महिला स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा जताई।
विश्वविद्यालय परिसर का किया निरीक्षण
दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले राज्यपाल ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मॉर्निंग वॉक के दौरान परिसर की हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने तपोवन, मियावाकी पार्क सहित अन्य प्रमुख स्थलों का अवलोकन किया और परिसर स्थित मंदिर में दर्शन किए। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को स्वच्छता, हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में संचालित मदर डेयरी आउटलेट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार के लिए उपलब्ध दूध, दुग्ध उत्पादों, फल, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


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