ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग, गुर्जर समाज ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया
संयुक्त गुर्जर परिसंघ ने प्रेसवार्ता में जांच में पारदर्शिता, निर्दोषों को राहत और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की
मेरठ, 14 जुलाई। संयुक्त गुर्जर परिसंघ ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में न तो कोई दोषी बचना चाहिए और न ही किसी निर्दोष को अनावश्यक रूप से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े। संगठन ने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।
एक होटल में मीडिया को जानकारी देते हुए परिसंघ के वीरेन्द्र सिंह व जितेन्द्र प्रधान ने संयुक्त रूप से कहा कि संगठन का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दिग्विजय भाटी का दावा है कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे और उपलब्ध फोटो एवं वीडियो में भी उनकी उपस्थिति दिखाई नहीं देती। संगठन ने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष पाए जाने वाले लोगों को राहत देने की मांग की।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना और प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। संगठन ने मांग की कि आंदोलन में शामिल लोगों के विरुद्ध उनकी वास्तविक भूमिका के अनुसार ही कार्रवाई की जाए तथा किसी निर्दोष को गंभीर धाराओं में न फंसाया जाए।
संयुक्त गुर्जर परिसंघ ने गंगानगर क्षेत्र में कथित रूप से 200 ग्राम मिठाई कम देने के विवाद के बाद हुई हिंसा की भी निंदा की। संगठन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर संगठन ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश संगठन में गुर्जर समाज को दिए गए दायित्वों का स्वागत किया, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं बताया। परिसंघ ने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार में गुर्जर समाज को कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व देने तथा निगमों, बोर्डों, आयोगों एवं विभिन्न समितियों में समाज की भागीदारी बढ़ाने की मांग की।
संगठन ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी नवंबर माह में प्रदेश स्तर पर विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधियों का संयुक्त चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज की राजनीतिक दिशा और भविष्य की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
परिसंघ ने अपने वक्तव्य में कहा कि उसका उद्देश्य संविधान के दायरे में रहकर न्याय, सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा समाज के सम्मानजनक राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए शांतिपूर्ण तरीके से कार्य करना है।वीरेन्द्र सिंह,जितेन्द्र प्रधान,भोपाल सिंह गुर्जर,चबान सिंह लकवाया,नितिन प्रमुख,लवकुश शास्त्री ,संजीव प्रधान आदि मौजूद रहे।


No comments:
Post a Comment