संसद में पेपर लीक पर बहस

कांग्रेस राज में लीक होते रहे पेपर, हमने बनाया फुलप्रूफ सिस्टमः जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली (एजेंसी)।संसद के मानसून सत्र का आज सातवां दिन है। लोकसभा में परीक्षा में सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई है। चर्चा के लिए आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया है। स्पीकर ओम बिरला ने जरूरत पड़ने पर इससे अधिक समय देने की बात कही है।
केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अलग-अलग राज्यों और विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं काफी समय से होती रही हैं। यह समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं थी, लेकिन अतीत में इसके खिलाफ वैसी कठोर कार्रवाई नहीं की गई जैसी अब मोदी सरकार कर रही है।
 जितेंद्र सिंह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस और यूपीए सरकारों के कार्यकाल में हुए पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि 2009 के रेलवे भर्ती पेपर लीक से लेकर 2012 के एम्स प्रवेश परीक्षा लीक तक कई मामले सामने आए। 1992 और 2010 में गठित कमेटियों ने केंद्रीय परीक्षा कमेटी बनाने के सुझाव दिए थे, जिन्हें तत्कालीन सरकारों ने खारिज कर दिया।
"हमारी सरकार ने परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए 'नेशनल टेस्टिंग एजेंसी' का गठन किया। जून 2024 में हम कानून लेकर आए और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए 2026 का संशोधन बिल लाया गया है। यह कानून देश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

लड़कियों पर अत्याचार, पैलेट गन का इस्तेमालः गोगोई
गौरव गोगोई ने कहा कि छात्र आंदोलन ने यह दिखा दिया कि लोगों के मन से डर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई की रात 10 बजे भी लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और लोकतंत्र के समर्थन में खड़े रहे। उन्होंने कहा कि खून से लथपथ चेहरा होने के बावजूद एक छात्र पुलिस के सामने डटा रहा और लोगों को लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराया।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल का समर्थन नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि उन भावनाओं को भी याद रखना चाहिए, जिन्हें छात्रों ने सामने रखा। इस दौरान उन्होंने शायर वसीम बरेलवी की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा, "उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है, जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है।" गोगोई ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान एक युवक ने आगे आकर एक लड़की को बचाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि एक छात्र ने कहा था कि जिस उंगली से उसने कमल के निशान पर वोट दिया था, उसी उंगली को आज पुलिस ने तोड़ दिया।

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