जननी सुरक्षा योजना

 सुल्तानपुर पेमेंट के मामले में पहले स्थान तो मेरठ मंडल में मेरठ पहले स्थान पर 

योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को किया जाता है भुगतान 

 मेरठ।  गर्भवती महिलाओं को संस्थागत बढ़ावा देने के लिए चला रही योजना जननी सुरक्षा योजना गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी बन  रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को घर पर प्रसव के बजाय सुरक्षित और संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का समय पर चिकित्सकीय प्रबंधन किया जा सके। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव कराने के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

जेएसवाई पेंमेट में प्रदेश की बात करत तो पहले स्थान पर सुल्तानपुर, दूसरे स्थान पर अयोध्या का नम्बर है। तीसरे स्थान पर हरदोई चौथे स्थान पर हाथरस है। जबकि पांचवे स्थान पर अमेठी का नम्बर है। मेरठ मंडल की बात करें तो मेरठ का पहला स्थान दूसरे नम्बर पर बागपत, तीसरे नम्बर पर गाजियाबाद का स्थान है। चौथे नम्बर पर बुलदंशहर व पांचवे स्थान पर हापुड़ व छटे स्थान पर गौतम बुद्ध नगर का नम्बर चल रहा है। 

 योजना के तहत शहरी क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को एक हजार रूपये व ग्रामीण क्षेत्र मे 1400रूपये उनके खाते में जाते है। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने वाली आशा को शहरी क्षेत्र में 400 रूपये व ग्रामीण क्षेत्र की आशाओं को 600 रूपये प्रदान किए जाते है। 

 मेरठ जिले में गत वर्ष 25123 गर्भवती  महिलाओं को संस्थागत प्रसव कराए गये। जिसमें से कुछ का भुगतान हो गया है। जबकि काफी मुगतान पेंडिंग बचा हुआ है। इस वित्तीय वर्ष में 6982 गर्भवती महिलाओ के संस्थागत प्रसव हुए। जिसमें से  अब 5282 गर्भवती महिलाओं का भुगतान उनके खाते में जा चुका है। 

एसीएमओ  डा. राजेश कुमार ने बताया केन्द्र सरकार द्वारा जननी सुरक्षा योजना मेरठ समेत पूरे प्रदेश भर में चलायी जा रही है। जिसका मकसद अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराया जाए। योजना के गर्भवती महिलाओं की और से उनके खाते में धनराशि डाली जा रही है। 

 मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राम प्रसाद का कहना है सरकार गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ देने के लिए प्रत्यनशील है। जेएसवाई भुगतान में मेरठ मंडल में मेरठ पहले स्थान पर चल रहा है। इस साल अब तक 5282 अभी तक भुगतान किया जा चुका है।

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