गुजरात में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, आर्थिक तंगी से परेशान होने की आशंका

राजकोट में रिटायर्ड PWD कर्मचारी, पत्नी और बेटे ने कथित तौर पर जहर खाया; पुलिस जांच में जुटी

राजकोट, 28 जुलाई। गुजरात के राजकोट में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत का मामला सामने आया है। मृतकों में 73 वर्षीय रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी कर्मचारी, उनकी 65 वर्षीय पत्नी और 32 वर्षीय बेटा शामिल हैं। तीनों ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया था। इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना राजकोट के साधु वासवानी रोड स्थित अजंता पार्क इलाके की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान 73 वर्षीय दिलीपभाई खाखर, उनकी पत्नी 65 वर्षीय स्मिताबेन खाखर और 32 वर्षीय बेटे निशित खाखर के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब पांच बजे तीनों ने कथित तौर पर घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। तीनों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान पहले स्मिताबेन और बाद में दिलीपभाई तथा उनके बेटे निशित की मौत हो गई।

आर्थिक परेशानी की बात सामने आई

पुलिस की शुरुआती जांच में परिवार के कुछ समय से आर्थिक परेशानी से गुजरने की बात सामने आई है। दिलीपभाई पीडब्ल्यूडी में क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बताया जा रहा है कि उनके बेटे निशित का कई लोगों के साथ आर्थिक लेन-देन था।

परिजनों के मुताबिक, कुछ लोग कथित तौर पर कर्ज की वसूली को लेकर निशित पर दबाव बना रहे थे। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और न ही सूदखोरी से जुड़े किसी ठोस सबूत की पुष्टि हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक के अनुसार, शुरुआती जांच में आर्थिक परेशानी को संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है।

रघुवंशी समाज ने की क्राइम ब्रांच जांच की मांग

घटना के बाद रघुवंशी समाज के लोगों में आक्रोश है। समुदाय के नेताओं ने मामले की जांच राजकोट क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि परिवार को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में किसी व्यक्ति या कथित साहूकार की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

छह साल पहले बड़े बेटे ने भी की थी आत्महत्या

बताया जा रहा है कि इसी परिवार के बड़े बेटे पराग ने करीब छह साल पहले 2018-19 में आत्महत्या कर ली थी। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार पिछले कुछ वर्षों से तनाव में था और सामाजिक रूप से भी कम घुलता-मिलता था।

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

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