कांवड़ियों पर टिप्पणी को लेकर विनीत शारदा का पलटवार, बोले— सनातन आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं
मेरठ। कांवड़ यात्रा और कांवड़ियों को लेकर एआईएमआईएम के प्रवक्ता शादाब चौहान की कथित विवादित टिप्पणी पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था और सनातन परंपरा का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने शादाब चौहान से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और एआईएमआईएम नेतृत्व से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
विनीत शारदा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, तपस्या और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक है। कांवड़िए हरिद्वार और गंगोत्री सहित विभिन्न तीर्थों से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
उन्होंने कहा कि देशभर में लाखों लोग कांवड़ियों की सेवा में भोजन, पानी, चिकित्सा और विश्राम जैसी व्यवस्थाएं करते हैं। ऐसे में इस प्रकार की टिप्पणी समाज में वैमनस्य फैलाने वाली है। उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख से अपने प्रवक्ता के बयान का संज्ञान लेकर सार्वजनिक माफी मंगवाने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
भाजपा नेता ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा किए जाने वाले यातायात और सुरक्षा संबंधी प्रबंध श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए होते हैं, न कि किसी वर्ग को असुविधा पहुंचाने के लिए। सभी नागरिकों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
विनीत शारदा ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी धार्मिक आस्था का पालन करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन किसी को दूसरे धर्म या आस्था का अपमान करने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से भी मांग की कि यदि कथित बयान से कानून-व्यवस्था या धार्मिक भावनाएं आहत होने का मामला बनता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव के भक्त कांवड़िए सनातन संस्कृति के वाहक हैं और उनका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। साथ ही एआईएमआईएम नेतृत्व से विवादित बयान पर स्पष्टीकरण देने, सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में जिम्मेदार भाषा का प्रयोग सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।


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