कोचिंग संचालकों को एमडीए से नहीं मिली राहत
लंबी बैठक के बाद भी मिला सिर्फ आश्वासन
मेरठ। शहर में कोचिंग सेंटरों पर चल रही सीलिंग कार्रवाई को लेकर परेशान कोचिंग संचालकों और शिक्षकों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के उपाध्यक्ष (वीसी) के साथ हुई लंबी बैठक के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। बैठक में अपनी समस्याएं रखने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को फिलहाल केवल आश्वासन ही मिला, जिससे संचालकों और शिक्षकों में निराशा का माहौल है।
एमडीए कार्यालय में हुई बैठक के दौरान कोचिंग संचालकों ने सीलिंग कार्रवाई से उत्पन्न समस्याओं को विस्तार से अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान बंद होने से हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि शिक्षकों और कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। संचालकों ने सील किए गए संस्थानों को जल्द खोलने की मांग करते हुए प्रशासन से व्यावहारिक समाधान निकालने की अपील की।
हालांकि अधिकारियों ने नियमों और मानकों का हवाला देते हुए फिलहाल किसी भी प्रकार की तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। एमडीए की ओर से इतना जरूर कहा गया कि नियमों के दायरे में रहकर सभी समस्याओं पर विचार किया जाएगा, लेकिन बैठक में न तो कोई ठोस निर्णय लिया गया और न ही किसी समयसीमा की घोषणा की गई।
बैठक के बाद कोचिंग संचालकों और शिक्षकों ने निराशा जताते हुए कहा कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि संस्थान बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है और शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
फिलहाल एमडीए के रुख के बाद कोचिंग संचालकों में असंतोष बना हुआ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस विवाद के समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाता है और सीलिंग कार्रवाई को लेकर क्या नई व्यवस्था सामने आती है।


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