33 साल बाद अपने पुराने कार्यालय पहुंचे मुख्य सचिव एसपी गोयल, सीडीओ कक्ष में ताज़ा कीं यादें
मेरठ। प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को मेरठ दौरे के दौरान कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक के बाद विकास भवन स्थित अपने पुराने कार्यालय का दौरा किया। वर्ष 1993 में मेरठ के मुख्य विकास अधिकारी रह चुके एसपी गोयल ने करीब 33 साल बाद उसी कार्यालय में पहुंचकर पुरानी यादें ताज़ा कीं और भावुक नजर आए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि "यह कार्यालय 33 साल बाद भी वैसा का वैसा ही है, बिल्कुल नहीं बदला।" उन्होंने बताया कि उनकी मेरठ में तैनाती से एक वर्ष पहले, 1992 में विकास भवन का निर्माण हुआ था।
बैठक के बाद सर्किट हाउस में भोजन करने के उपरांत मुख्य सचिव अचानक विकास भवन पहुंचे। उनके साथ कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल भी मौजूद रहीं।
सीडीओ कक्ष में प्रवेश करते ही एसपी गोयल ने अपने कार्यकाल की कई यादें साझा कीं। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उस समय कार्यालय का स्वरूप कैसा था, वह कहां बैठते थे और किस प्रकार आमजन की समस्याओं का समाधान किया जाता था। उन्होंने अपने कार्यकाल के कई रोचक अनुभव भी सुनाए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने वर्तमान सीडीओ नूपुर गोयल को उनकी कुर्सी पर बैठाकर स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा,
"आप हमारी बिटिया के समान हैं। इस सीट पर बैठकर ऐसा काम करना कि जनता आपको हमेशा याद करे।"
करीब आधे घंटे तक विकास भवन में रुकने के बाद जिलाधिकारी और सीडीओ ने मुख्य सचिव को मेरठ का प्रतीक 'बिगुल' तथा क्रिकेट की गेंद और बल्ले का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्य सचिव का यह दौरा प्रशासनिक कार्यक्रम के साथ-साथ भावनात्मक स्मृतियों से भी जुड़ा रहा, जिसने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच विशेष उत्साह का माहौल बना दिया।


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