मेरठ रेंज में 28 कांवड़ मार्गों से गुजरेंगे शिवभक्त

 सुरक्षा के लिए 128 बैरियर लगाए गए

मेरठ। कांवड़ यात्रा को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए मेरठ रेंज पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। रेंज के चार जिलों में कुल 28 प्रमुख कांवड़ मार्गों से शिवभक्त गुजरेंगे। करीब 969 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 128 बैरियर लगाए गए हैं। वहीं, नदी और नहरों के आसपास सुरक्षा के लिए 157 नाव और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं।

मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि रेंज में कुल 32 प्रमुख मंदिर हैं, जहां शिवरात्रि के अवसर पर कांवड़िये जलाभिषेक करेंगे। इन मंदिरों पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि घाट, नदी और नहरों के आसपास डबल बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, कंट्रोल रूम, खोया-पाया केंद्र, पीए सिस्टम और वॉच टावर बनाए जाएंगे। इसके अलावा आपदा की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी।

मेरठ में 228 किलोमीटर के 7 मुख्य कांवड़ मार्ग

डीआईजी के अनुसार, मेरठ जिले में 7 मुख्य कांवड़ मार्ग हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 228 किलोमीटर है। इन मार्गों पर सुरक्षा के लिए 26 बैरियर लगाए गए हैं।

चार जिलों में कांवड़ मार्गों की स्थिति

  • बुलंदशहर: 446 किलोमीटर के 10 प्रमुख कांवड़ मार्ग
  • बागपत: 164 किलोमीटर के 6 प्रमुख कांवड़ मार्ग
  • हापुड़: 131 किलोमीटर के 5 प्रमुख कांवड़ मार्ग
  • मेरठ: 228 किलोमीटर के 7 प्रमुख कांवड़ मार्ग

आपदा नियंत्रण के लिए 157 नाव और 139 गोताखोर

नदी और नहरों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेरठ में 12 नाव और 35 गोताखोर, बुलंदशहर में 37 नाव और 58 गोताखोर, बागपत में 8 नाव और 20 गोताखोर, जबकि हापुड़ में 10 नाव और 26 गोताखोर तैनात किए गए हैं।

सभी नावों में लाइफ जैकेट उपलब्ध रहेंगी। नदी और नहरों के आसपास स्थित पुलिस चौकियों पर भी पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट रखी जाएंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

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