फर्जी 'एयर सुविधा 2.0' वेबसाइटों से रहें सावधान: केंद्र सरकार ने यात्रियों के लिए जारी किया साइबर सुरक्षा अलर्ट
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए साइबर सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए फर्जी 'एयर सुविधा 2.0' वेबसाइटों से सावधान रहने की अपील की है। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि कुछ फर्जी वेबसाइटें और पोर्टल खुद को आधिकारिक बताकर यात्रियों से व्यक्तिगत जानकारी लेने और उन्हें भुगतान (पेमेंट गेटवे) करने के लिए गुमराह कर रहे हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एयर सुविधा 2.0 की सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं और सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। यात्रियों से कहा गया है कि वे अपनी व्यक्तिगत या यात्रा संबंधी जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट के यूआरएल की अच्छी तरह जांच करें और किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर भुगतान न करें।
सरकार ने बताया कि एयर सुविधा 2.0 का एकमात्र आधिकारिक पोर्टल है:
https://airsuvidha.civilaviation.gov.in/
मंत्रालय ने यात्रियों से केवल इसी आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने और सही जानकारी के लिए सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करने की अपील की है।
इबोला निगरानी के लिए विकसित किया गया पोर्टल
नागर विमानन मंत्रालय ने पिछले महीने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के सहयोग से एयर सुविधा 2.0 लॉन्च किया था। यह एक पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है, जिसे भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और युगांडा में फैले इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किए जाने के बाद इस उन्नत प्रणाली को लागू किया गया।
रियल-टाइम डेटा शेयरिंग से होगी त्वरित निगरानी
सरकार के अनुसार, इस पोर्टल के माध्यम से यात्रियों का स्वास्थ्य संबंधी डेटा एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) और राज्य स्तरीय निगरानी अधिकारियों के साथ रियल-टाइम में साझा किया जा सकता है। इससे संभावित संक्रमित यात्रियों की तेजी से पहचान, जांच और आवश्यक स्वास्थ्य उपाय सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और कॉन्टैक्टलेस बनाया गया है, जिससे भारत पहुंचने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार का फिजिकल डिक्लेरेशन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी।


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