उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी, नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा नया प्रोत्साहन
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और डीप-टेक आधारित उद्यमों के लिए वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। इससे युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
इस संबंध में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशक डॉ. आर.एस. सेंगर ने कहा कि प्रत्येक स्टार्टअप अपने साथ जोखिम लेकर चलता है। यदि सरकार और संस्थानों का सहयोग मिले तो उसकी सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने छात्रों से नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए नई स्टार्टअप नीति की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत प्रदेश में 1,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड तथा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय कॉर्पस फंड का गठन किया गया है। स्टार्टअप्स को शुरुआती दो वर्षों तक 20 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता, 15 लाख रुपये तक सीड फंडिंग, विशेष परिस्थितियों में 50 लाख रुपये तक प्रारंभिक वित्तीय सहायता तथा अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
डॉ. सेंगर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, हेल्थटेक और एग्रीटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में नवाचार को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डीप-टेक हब स्थापित किए जाएंगे। अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) गतिविधियों के लिए भी विशेष वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
इनक्यूबेटर्स को बढ़ी वित्तीय सहायता
नई नीति के तहत इनक्यूबेटर्स को मिलने वाला पूंजीगत अनुदान एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इनक्यूबेटर्स को 1.50 करोड़ रुपये तक सहायता मिलेगी। वहीं, परिचालन अनुदान 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता भी 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपये कर दी गई है।
डीप-टेक स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस
नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम और स्पेस टेक्नोलॉजी आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपये तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपये तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपये तक पेशेंट कैपिटल सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के लिए अलग से वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा स्टार्टअप्स को पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन पर प्रतिपूर्ति, टर्म लोन पर ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ और ईएसआई की प्रतिपूर्ति सहित कई अन्य प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।
डॉ. सेंगर ने विश्वास जताया कि स्टार्टअप नीति-2026 प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी और उत्तर प्रदेश को नवाचार एवं उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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