किसी भी कर्मचारियों को नाले में उतारने के किया मजबूर तो होगा आंदोलन 

 कर्मचारियों महापौर से मुलाकात की, आंदोलन और कोर्ट जाने की चेतावनी दी

 मेरठ। नगर निगम के कर्मचारियों को उनके निर्धारित कार्यों के बजाय नालों की सफाई में लगाने की सूचना पर कर्मचारी संगठन ने गुरुवार को विरोध जताया। संगठन के पदाधिकारियों ने महापौर से मुलाकात कर इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी को जबरन नाले में उतारा गया तो नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ अदालत का रुख किया जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर ने अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी को भी मौके पर बुलाया। इस दौरान अंकुश मेहरोल, रोहित मनोठिया और विनेश विद्यार्थी ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी कर्मचारी को नाले में उतरने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

कर्मचारी संगठन के महामंत्री अंकुश मेहरोल को सूचना मिली थी कि निगम में कार्यरत लगभग 100 कर्मचारियों को उनके मूल कार्य से हटाकर नालों में उतारने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलने पर अंकुश मेहरोल अपने साथियों के साथ संबंधित कर्मचारियों को लेकर महापौर के कैंप कार्यालय पहुंचे और मामले से अवगत कराया।

मौके पर महापौर ने अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी को भी बुलाया। इस दौरान अंकुश मेहरोल, रोहित मनोठिया और विनेश विद्यार्थी ने अधिकारियों के समक्ष साफ शब्दों में कहा कि किसी भी कर्मचारी को नाले में नहीं उतारा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के साथ ऐसा किया गया तो कर्मचारी संगठन नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

किसी भी कर्मचारी का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इस मामले की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण से भी की जाएगी। उनका कहना था कि किसी भी कर्मचारी का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नया हो या पुराना, सभी कर्मचारी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा। इस दौरान अंकुश मेहरोल (महामंत्री), विनेश विद्यार्थी, रोहित मनोठिया (राजू), दिनेश पार्चा, मिलन, मोंटी समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।

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