मेरठ और गुरुग्राम के बीच जल्द मिटेगी दूरी

 नमो भारत रैपिड और मेट्रो से सीधे जुड़ेंगे यात्री, गुरुग्राम मेट्रो फेज-2 को मिली हरी झंडी

वर्ल्ड बैंक ने दी ₹1,400 करोड़ के टेंडर की मंजूरी,  एक हफ्ते में शुरू होगी प्रक्रिया

नई दिल्ली/गुरुग्राम। पश्चिमी यूपी से हर दिन नौकरीपेशा और स्थानीय निवासी  दिल्ली-एनसीआर और बिजनेस हब गुरुग्राम तक का सफर करने के लिए आवागमन करते हैं। मेरठ से राजधानी दिल्ली में अशोक बिहार तक चल रही नमो भारत रैपिड के विस्तार को लेकर ऐसे नौकरीपेशा और स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मसलन विश्व बैंक ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) को गुरुग्राम मेट्रो फेज-2 के सिविल निर्माण के लिए लगभग ₹1,400 करोड़ के टेंडर को फ्लोट करने की अंतिम मंजूरी दे दी है। यह नया कॉरिडोर ओल्ड गुरुग्राम के सेक्टर-9 से शुरू होकर नए गुरुग्राम के प्रमुख कमर्शियल हब सायबर हब को जोड़ेगा। इससे मेरठ और गुरुग्राम तक की यात्रा करने वालों की दूरी कम होगी, क्योंकि इस प्रोजेक्ट के तहत यात्री नमो भारत रैपिड और मेट्रो से सीधे जुड़ जाएंगे।

इस आशय की आधिकारिक पुष्टि करते हुए  जीएमआरएल (GMRL) के प्रबंध निदेशक चंदर शेखर खरे ने बताया कि हमें विश्व बैंक से फेज-2 के सिविल टेंडर के लिए मंजूरी मिल गई है। टेंडर जारी करने के लिए सभी जमीनी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अगले एक सप्ताह के भीतर इसे आधिकारिक तौर पर फ्लोट कर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की खास बात है कि दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत और रेपिड मेट्रो के कनेक्ट होने से यात्रियों का सफर बेहद आसान और सरल हो जाएगा। मसलन पश्चिम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान समेत एनसीआर क्षेत्र के लोगों को बेहततर परिवहन सुविधा मुहैया हो सकेगी।

तीन परिवहन प्रणालियों का होगा मिलन

खरे के अनुसार इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका शंकर चौक पर बनने वाला इंटरचेंज स्टेशन होगा। यह स्टेशन गुरुग्राम के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तस्वीर बदल देगा, क्योंकि यहां यात्री एक ही जगह से तीन अलग-अलग रेल नेटवर्क बदल सकेंगे। इस इंटरचेंज के बनने से दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और अलवर से आने वाले यात्री बिना किसी परेशानी के सीधे ओल्ड गुरुग्राम या सायबर हब के दफ्तरों तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए गुरुग्राम मेट्रो फेज-2 लाइन (ओल्ड गुरुग्राम के लिए), रैपिड मेट्रो (सायबर सिटी के आंतरिक सफर के लिए) और नमो भारत रेल (RRTS) (दिल्ली-अलवर रीजनल रैपिड रेल नेटवर्क के लिए) है, जबकि मेरठ से अशोक विहार दिल्ली के बाद पश्चिमी यूपी के यात्री अपनी गंतव्य की यात्रा कर पाएंगे।

इस प्रोजेक्ट में बनेंगे 14 स्टेशनो

जीएमआरएल के अनुसार फेज-2 के तहत लगभग 13 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें मुख्य रूट के अलावा गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के लिए एक विशेष 'स्पुर' (Spur/अतिरिक्त लाइन) भी शामिल है। बताया गया है कि पालम विहार के सुशील आइमा रोड पर निर्माण कार्य के दौरान कोई ट्रैफिक या ढांचागत समस्या न आए, इसके लिए जीएमआरएल ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर रूट को पूरी तरह क्लीयर कर लिया है।

इस मेट्रो कॉरिडोर के ये होंगे रूट

►सेक्टर 7, सेक्टर 4, सेक्टर 5

►अशोक विहार, सेक्टर 3

►बजघेड़ा रोड

►पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार (सेक्टर 23ए)

►सेक्टर 22

►उद्योग विहार फेज 4, उद्योग विहार फेज 5

►सायबर सिटी (Cyber City)

इस डिपो का दोबारा जारी होगा टेंडर 

इस परियोजना में फेज-2 की इस बड़ी सफलता के बीच, जीएमआरएल ने यह भी साफ किया है कि सेक्टर-33 में प्रस्तावित मेट्रो मुख्य डिपो (Depot) के लिए टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। दरअसल, पिछली बार तकनीकी दौड़ में केवल एक ही कंपनी योग्य पाई गई थी। पारदर्शी प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए नियमन के तहत अब इसे दोबारा री-इश्यू किया जा रहा है।

दोनों फेज से मिलकर बनेगा 30.7 किमी का 'महा-लूप

गुरुग्राम मेट्रो का फेज-1 (मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक, 15.2 किमी) वर्तमान में तेजी से निर्माणाधीन है और इसके 2028 तक चालू होने की उम्मीद है। जैसे ही फेज-2 (13 किमी) का निर्माण पूरा होगा, ये दोनों फेज आपस में जुड़कर 30.7 किलोमीटर लंबा एक विशाल मेट्रो लूप तैयार करेंगे। इस पूरे नेटवर्क में कुल 28 स्टेशन और दो विशेष स्पुर लाइनें (एक द्वारका एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर-102 की तरफ और दूसरी गुरुग्राम रेलवे स्टेशन की तरफ) होंगी, जो पूरे गुरुग्राम को जाम से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएंगी।

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