दिल्ली की घटना के बाद शहर में होटलों व अस्पतालों में चलाया गया चेकिंग अभियान
होटल व अस्पताल संचालकों में मचा हड़कंप , कमी मिलने पर थमाया नोटिस
फयर उपकरणों, बेसमेंट किचन और आपातकालीन व्यवस्थाओं की जांच पर दिया जोर
मेरठ। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल रेस्टोरेंट में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आया हे। गुरूवार को फायर विभााग द्वारा गठित टीमो ंने शहर के विभिन्न स्थानों पर होटल व रेस्टोरेंट व बेंकट हाल में छापेमारी करते हुए अभियान चलाया। इस कई स्थानाें कमियों मिलने पर कमियों को दूर करने की चेतावनी दी गयी। फायर विभाग का अभियान आगामी 10जून तक शहर व देहात में चलाया जाएगा।
वही स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी व देहात क्षेत्र में टीमों को बना कर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान टीमों नें अस्पतालों में दस्तावेजों को चेक किया। कुछ में कमी पाए जाने पर एक सप्ताह को समय दिया गया।
जिले की बात करे तो मेरठ के लगभग 320 होटल एवं रेस्टोरेंट पंजीकृत हैं। जनपद में 650 से अधिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। जिसमें बेंकट हॉल भी शामिल है। दिल्ली की घटना के बाद वैसे ही मेरठ होटलियर्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन सक्रिय हो गया है। दिल्ली के अग्निकांड की घटना के बाद एसोसिएशन ने फोन एवं व्हाट्सएप के माध्यम से सभी संचालकों से संपर्क कर अग्निशमन उपकरणों, फायर होजरील, पानी के स्टोरेज टैंकों, अग्निशमन सिलिंडरों की वैधता तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
होटलियर्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल उपाध्यक्ष एवं होटल हारमनी के संचालक नवीन अरोड़ा ने कहा कि अधिकांश प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। विशेष रूप से उन प्रतिष्ठानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है जहां बेसमेंट में भोजन तैयार करने, रसोई संचालन अथवा भोजन परोसने का कार्य किया जाता है। दिल्ली अग्निकांड की प्रारंभिक रिपोर्टों में भी आग के रेस्टोरेंट क्षेत्र अथवा बेसमेंट से फैलने की आशंका जताई गई है,। जिसके चलते ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
अध्यक्ष सुबोध गुप्ता ने कहा कि शहर के होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक अपने ग्राहकों और कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग हैं। सभी प्रतिष्ठानों से समय-समय पर सुरक्षा उपकरणों की जांच, रखरखाव तथा आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।संगठन के मंत्री सचिन गोयल ने कहा कि सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी सतर्कता भी बड़े हादसों को टाल सकती है। ऐसे में जनहानि को रोका जा सकता है। इसलिए सभी संचालकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। हम अपने स्टॉफ, ग्राहक और खुद के लिए भी सतर्क हैं।
वही सीएफओ सुरेन्द्र सिंह के निर्देशन में चार टीम बना कर शहर के विभिन्न स्थानों पर चल रहे होटल, रेस्टोरेंट , बेंकटहाल में चेकिंगअभियान चलाया गया। इस दाैरान टीमों ने फायर उपकरण की जांच की। इसके अतिरिक्त टीमों को बेंसमेंट में कई होटल के बेंसमेंट में की जांच कर वहां अग्नि सुरक्षा से बचाव के जांच की। बागपत रोड़, दिल्ली रोड़, गढ रोड पर कमियां मिलने पर होटल संचालकों को चेतावनी दी गयी।
अस्पतालो में चेकिंग अभियान से संचालकों में मचा हड़कंप
दिल्ली में बुधवार को गुरूवार को बिहार के मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल आग की घटना के बाद सीएमओ डा. राम प्रसाद के निर्देशन में टीमों ने शहर व देहात के अस्पातालों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान टीमों ने अस्पताल के फायर उपकरण व अन्य दस्तावेजों की जांच पड़ताल की। इस दौरान बागपत रोड़ , मोदीपुरम , हापुड़ रोड स्थित कई अस्पतालों में सुरक्षा के कमी पाए जाने पर अस्पतालो में संचालकों को कमियाें को दूर करने का दो दिन का समय दिया गया।
सीएमओ डा. प्रसाद ने बताया जिले में 304अस्पताल पंजीकृत है। हर साल अस्पतालों को पंजीकरण रिनवल होतास है। फायर एनओसी व बिजली विभाग की एनओसी पास होने के बाद अस्पताल का पंजीकरण किया किया जाता है। समय- समय पर नोडल अधिकारी की देखरेख में टीमों द्वारा बकायदा निरीक्षण कराया जाता है।




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