गुरू अर्जुन देव का शहीदी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया 

मेरठ।  मेरठ-अमृतसर शहर बसाने वाले, बाणी के रचनाकार, देश एवं धर्म के लिए शान्तमयी कुर्बानी देने वाले पांचवे गुरू  गुरू अर्जुन देव  का शहीदी पर्व गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा-ककंर खेड़ा मे बहुत श्रद्धापूर्वक मनाया गया।  जिसमे बड़ी सख्या मे संगत ने भाग लेकर गुरबाणी-कीर्तन श्रवण कर प्रसाद एंव ठंडा-मीठा जल ग्रहण कर गुरू अर्जुन देव के परोपकारो को याद कीया। 

इस अवसर पर भाई गुरप्रीत सिंह प्रीत एवं बहन अमृत कौर  के जत्थे ने " कलयुग जहाज अर्जुन गुरू " एवं " तेरा कीया मीठा लागे  हरि नाम पदारथ नानक मांगे " शब्द गायन कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। इस  अवसर पर  गुरू अर्जुन देव देश एवं धर्म के लिए की गई लासानी शहादत को कोटि-कोटि प्रणाम करते हुए सिक्ख वैलफेयर आर्गनाइजेशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनजीत सिंह कोछड़ ने कहा बे- मिसाल कुर्बानी दे कर  गुरू अर्जुन देव  ने शहीदीयो के नये द्वार खोल दिए। खुद शान्तिपूर्ण कुर्बानी दी लेकिन अपने पुत्र छठे गुरू हरगोबिंद साहिब को जालिम हुकुमत से टकराने के लिए मीरी-पीरी की दो तलवारे पहनने का हुक्म दिया।अमृतसर शहर बसा कर , दरबार साहिब ने  गुरू ग्रंथ साहिब का प्रकाश कर  गुरू अर्जुन देव ने मानवता पर बहुत बड़ा परोपकार किया। आज प्रतिदिन लाखों श्रद्धालू  दरबार साहिब-अमृतसर में माथा टेक  गुरू अर्जुन देव की शहादत एवं उनके परोपकारों को याद करते है।  आयोजन को सफल बनाने मे मुख्य रूप से परमजीत सिंह पम्मा वीर , बलबीर सिंह, बहादुर सिंह, अजीत सिंह, टिंका वीर जी, परमिंदर सिह जी, हरप्रीत सिंह सलूजा, हरमिनदर सिंह मजिठीया, अमरजीत सिंह जग्गी, धीर सिह, अमृत पाल सिंह चड्डा, सज्जन सिंह, किशन सिंह छाबड़ा, शम्मी सिंह अरोड़ा ने सेवा निभाई!

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