स्पोर्टस विवि ने विवि में चल रहे निर्माण कार्याे की समीक्षा में अपर सचिव ने दिए दिशा निर्देश
मेरठ । कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) एवं सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबड़े ने शनिवार को मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का भ्रमण कर विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रगति की समीक्षा की।
भ्रमण का प्रारम्भ विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन स्थायी परिसर से हुआ, जहां लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता, अवधेश शरण चौरसिया द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार झा ,विद्युत विभाग के अधिकारी गण तथा निर्माण एजेंसी दीपांशु प्रमोटर्स के प्रबंध निदेशक संजय सिंह भी उपस्थित रहेl प्रस्तुतीकरण के उपरांत डॉ. बोबड़े ने स्थायी परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया तथा स्वास्थ्य केंद्र, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, मेस, छात्राओं के छात्रावास एवं मेस, शैक्षणिक भवन, कक्षा परिसर, पुस्तकालय सहित विभिन्न निर्माणाधीन अवसंरचनात्मक सुविधाओं का स्थलीय अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. बोबड़े ने निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता एवं टिकाऊ सामग्री के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के भवनों एवं अन्य अवसंरचनाओं का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि आने वाले वर्षों में उनकी गुणवत्ता एवं उपयोगिता बनी रहे तथा रखरखाव संबंधी समस्याएं न्यूनतम हों।
उन्होंने परिसर में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश देते हुए सुझाव दिया कि जलभराव एवं सीवरेज जैसी संभावित समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श लिया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की संरचनात्मक अथवा परिचालन संबंधी कठिनाई उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर में स्थानांतरण से पूर्व विद्युत आपूर्ति, पेयजल जल निकासी व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान छात्रावास एवं मेस की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए l साथ ही, विश्वविद्यालय के अतिथि गृह को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथियों के ठहरने योग्य बनाने के उद्देश्य से आवश्यक सुविधाओं के विकास एवं उन्नयन संबंधी सुझाव भी दिए l उन्होंने सभी विकास कार्यों में व्यावहारिकता, दीर्घकालिक दृष्टिकोण तथा गुणवत्ता को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
स्थायी परिसर के निरीक्षण के पश्चात उन्होंने विश्वविद्यालय के अस्थायी परिसर, जो कि सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में संचालित है, का दौरा किया। वहाँ आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत, कुलसचिव सुनील झा, वित्त अधिकारी लक्ष्मी मिश्रा, प्रो. सत्यंत कुमार, प्रो. योगेश कुमार ,डॉ. पूनम भंडारी, डॉ. फराह हाशमी, डॉ. सोनिया राणा, सिद्धार्थ सागरे, शिवांश पाल, सृजा सिंह सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कुलपति महोदय ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रगति, उपलब्धियों, वर्तमान गतिविधियों तथा भावी योजनाओं से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। समीक्षा के उपरांत उन्होंने विश्वविद्यालय के समग्र विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए।
उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिनियमों एवं अध्यादेशों को प्रभावी रूप से निर्धारित समय सीमा में तैयार करने तथा लागू करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाने वाले सभी पाठ्यक्रम रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित हों, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर रोजगार एवं कैरियर के अवसर प्राप्त हो सकें। डॉ. बोबड़े ने विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित खेल विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापनों के माध्यम से शैक्षणिक एवं शोध सहयोग स्थापित करने के लिए भी प्रेरित किया। बैठक के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों की नियुक्ति तथा विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना के विकास पर विशेष बल दिया।उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के पंजीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने तथा संस्थान की आवश्यकताओं के अनुरूप पदों का सृजन एवं नियुक्तियाँ सुव्यवस्थित रोस्टर प्रणाली के आधार पर सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
बैठक के अंत में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के विकास एवं भावी योजनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम का समापन माननीय कुलपति महोदय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। उन्होंने डॉ. बोबड़े के मार्गदर्शन एवं बहुमूल्य सुझावों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।


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