धर्मांतरण मामले में आया नया मोड 

आयुष मलिक बोला- मैं अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाकर बना रहमान, चांदनी से किया निकाह

शामली । दवा कारोबारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष के धर्मांतरण प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। आयुष ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर कहा कि उसका जबरन धर्मांतरण नहीं कराया गया। उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है और अपना नाम बदलकर रहमान रखा है। उसका अपने फैसले से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है। उसने चांदनी और उसके पिता की गिरफ्तारी को गलत बताया। करोड़ों की संपत्ति हड़पने की बात को झूठ बताया। 

आयुष मलिक ने कहा कि समाज के लोग उस पर दोबारा धर्म बदलने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वह किसी दबाव में नहीं आएगा। उसने 2008 से इस्लाम धर्म का अनुसरण करना शुरू कर दिया था। शामली की लड़की चांदनी कुरैशी से दिल्ली में निकाह किया था। लंबे समय तक अपने परिवार को धर्म परिवर्तन और निकाह की जानकारी नहीं दी थी। उस समय उसकी बहनों की शादी नहीं हुई थी। सभी बहनों की शादी होने के बाद उसने परिजनों को इस्लाम धर्म अपनाने की जानकारी दी थी। 

पुलिस में पिता देवराज मलिक की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराने के मामले में कहा कि समाज के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया है। ब्रेनवाश के सवाल पर कहा कि यह गलत है। अगर उसका ब्रेनवाश किया गया तो क्या वह अपने माता-पिता भूल गया। कुछ लोग इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।

चांदनी और उसके पिता को भेजा जा चुका जेल

विदित हो कि चार दिन पहले बघरा स्थित साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने युवक के धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था। कार्रवाई न होने पर 12 जून को कुरैशी बस्ती में हिंदू महापंचायत की घोषणा की थी। इसके बाद पुलिस ने दो दिन पहले शनिवार देर रात दवा कारोबारी देवराज मलिक की तरफ से शहर कोतवाली में युवती चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी, भाई समेत परिवार के आठ और तीन मौलवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

पुलिस ने रविवार को चांदनी व उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों को जेल भेज दिया गया। अब आयुष मलिक ने दोनों को जेल भेजने का विरोध किया है। 

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