क्रांतिधरा मेरठ में कल गूंजेगी राष्ट्रभक्ति की हुंकार
मेरठ। साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचेतना के संगम की साक्षी बनने जा रही क्रांतिधरा मेरठ में रविवार की शाम देशभक्ति और ओजस्वी काव्य की अनूठी छटा बिखरेगी। नौचंदी मेला परिसर स्थित पटेल मंडप में आयोजित होने जा रहे भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन ‘क्रांतिधरा की हुंकार’ को लेकर साहित्य प्रेमियों और नागरिकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम रविवार शाम सात बजे से शुरू होगा, जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश देंगे।
मीडिया को जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री आचार्य राधाकृष्ण मनोडी ने कहा कि भारतीय परंपरा में साहित्य सदैव समाज जागरण का सबसे प्रभावी माध्यम रहा है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक कवियों ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अन्याय, शोषण और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कवियों की वाणी हमेशा परिवर्तन और जागरण की प्रेरणा देती रही है।
कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करने के लिए स्वामी प्रेमानंद पुरी का सानिध्य प्राप्त होगा। उनके आशीर्वचन कार्यक्रम की विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवि और कवयित्रियां अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। इनमें प्रो. श्लेष गौतम, डॉ. शंभू शिखर, कमलेश शर्मा, राजकिशोर शर्मा, तुषा शर्मा, लटूरी लठ्ठ, विष्णु उपाध्याय, राजकुमार भरत, साक्षी तिवारी तथा कमलेश त्रिपाठी शामिल हैं। ये सभी कवि अपनी ओज, वीर रस, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
कार्यक्रम की संयोजिका तुषा शर्मा ने बताया कि कवि सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल साहित्यिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने का एक प्रयास है।
आयोजकों का मानना है कि ‘क्रांतिधरा की हुंकार’ केवल एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक परंपरा का भव्य उत्सव साबित होगा, जो मेरठ की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त करेगा।


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