रोशन होंगे वीरान हो चुके हॉस्टल 

- शैक्षिक व रोजगारपरक गतिविधियों में होगा इस्तेमाल

- प्रदेश सरकार ने ऐसे भवनों के पुनः उपयोग के दिए आदेश

- शहर में 5 और मंडल में 30 भवनों का होगा जीर्णोद्धार

मेरठ। प्रदेशभर के एडेड एवं राजकीय डिग्री कॉलेजों में वर्षों से बंद पड़े और खंडहर में तब्दील हो रहे हॉस्टल्स के अब फिर से दिन बदलने जा रहे हैं। योगी सरकार ने प्रयोग में नहीं आने वाले भवनों के वैकल्पिक उपयोग की अनुमति दे दी है। सरकार की मंशा इन भवनों का कायाकल्प करके शैक्षिक, प्रशासनिक एवं रोजगारपरक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की है।

प्रदेश के अधिकांश एडेड और राजकीय डिग्री कॉलेजों में हॉस्टल कभी छात्रों की पहली पसंद हुआ करते थे। 90 के दशक तक बड़ी संख्या में विद्यार्थी इनमें रहकर पढ़ाई करते थे। लेकिन समय के साथ छात्रों को नए विकल्प मिलने, प्रबंधन की उदासीनता और कई स्थानों पर कानून-व्यवस्था संबंधी कारणों का हवाला देकर इन हॉस्टलों को बंद कर दिया गया।

कई कॉलेजों में ऐसी परिस्थितियां बन गईं कि छात्रों ने प्रवेश लेना ही बंद कर दिया। नतीजतन प्रदेशभर में अनेक हॉस्टल वर्षों से बंद पड़े-पड़े जर्जर और खंडहर जैसी स्थिति में पहुंच गए। अन्य उपयोग की अनुमति न होने के कारण कॉलेज प्रबंधन ने भी इनके रखरखाव में रुचि नहीं दिखाई। 

प्रदेश सरकार ने अब ऐसे राजकीय एवं एडेड कॉलेजों में मौजूद लेकिन अप्रयुक्त हॉस्टलों के वैकल्पिक उपयोग का रास्ता साफ कर दिया। नई व्यवस्था के तहत कॉलेज प्रशासन बंद पड़े हॉस्टलों में रोजगारपरक शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित कर सकेगा। इसके अलावा इन भवनों का उपयोग प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य शैक्षिक एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए भी किया जा सकेगा। सरकार के इस फैसले से लंबे समय से उपेक्षित पड़े हॉस्टलों के पुनर्जीवित होने की उम्मीद बढ़ गई है।

इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी किए हैं कि जिन हॉस्टलों में विद्यार्थी निवास नहीं कर रहे हैं, उन्हें आवश्यकता के अनुसार अन्य शैक्षिक कार्यों में उपयोग में लाया जा सकेगा।

मेरठ मंडल में ऐसे 30 भवन

सरकार के इस निर्णय से वर्षों से बंद पड़े भवनों को नया जीवन मिलेगा। इसके साथ ही राजकीय कॉलेजों को आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलेगी। एक आंकड़े के अनुसार मेरठ मंडल में ऐसे तीस भवन हैं, जबकि मेरठ शहर में इनकी संख्या 5 है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts