कट बंद होने से व्यापारी सड़कों पर उतरे
महिलाओं ने हाथ जोड़कर अधिकारियों से कट खोलने की अपील की
मेरठ। कट बंद किए जाने के विरोध में कसेरूखेड़ा संपर्क मार्ग पर क्षेत्रवासियों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कट बंद होने से स्थानीय लोगों और दुकानदारों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
कसेरूखेड़ा की बुजुर्ग महिलाएं कमिश्नरी पहुंचीं और अधिकारियों से हाथ जोड़कर कट बंद नहीं करने की अपील की। उनका कहना था कि कट बंद होने पर लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ जाएंगी।महिलाओं का कहना है कि कसेरूखेड़ा की 30 से 35 हजार आबादी के अलावा बक्सर, गंगानगर, ईशापुरम, मीनाक्षीपुरम और डिफेंस कॉलोनी के लोग भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। छात्र-छात्राएं, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीजों की आवाजाही के लिए यह रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है। हिंदू श्मशान घाट और मुस्लिम कब्रिस्तान तक पहुंचने के लिए भी यही प्रमुख मार्ग है।
व्यापारियों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए राज्यमंत्री दिनेश खटीक और महापौर हरिकांत अहलूवालिया से मुलाकात की थी। उनका कहना है कि कट बंद होने से स्थानीय कारोबार भी प्रभावित होगा।
बतादें कमिश्नर आवास चौराहे से यशोदा कुंज तक करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना को शुरू हुए डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सड़क चौड़ीकरण का वास्तविक कार्य शुरू नहीं हो सका है। फिलहाल केवल डिवाइडर निर्माण का काम कराया गया है।इस बीच सड़क पर कई स्थानों पर कट बंद किए गए। इसे लेकर क्षेत्रवासियों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने भगत लाइंस के मुख्य प्रवेश द्वार को छोड़कर कई कट बंद कर दिए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) भी चार कटों को छोड़कर शेष सभी कट बंद करने की तैयारी कर रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार कसेरूखेड़ा पुल से यशोदा कुंज तक केवल चार कट ही खुले रखे जाने का प्रस्ताव है। वहीं डिफेंस कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यदि उनके सामने का कट बंद हुआ तो उन्हें कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।


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