भीषण गर्मी व लू के चलते बिजली की मांग सामान्य दिनों के अपेक्षा 30% से 50% तक बढ़ी
पीवीवीएनएल क्षेत्र की कुल मांग 11,000 मेगावाट के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर को पार किया
बरसात न होने से दिन रात का तापमान एक जैसा होने से आ रही परेशानी
मेरठ। मेरठ समेत वेस्ट यूपी में भीषण गर्मी व लू का प्रकोप जारी है। बरसात न होने से पीवीवीएनएल 14 जिलों में बिजली की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 30% से 50% तक बढ़ गई है। पिछले कुछ हफ्तों में मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में बिजली की अधिकतम मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
पीवीवीएनएल के क्षेत्रों में मांग और स्थिति का विवरण
पीवीवीएनएल के शहरी और औद्योगिक इलाकों (जैसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद) में मांग 500 से 600 मेगावाट तक बढ़ गई है।स्थानीय समस्याएँ: बढ़ती मांग के कारण स्थानीय स्तर पर ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और ट्रांसफार्मर के ओवरहीट होने की समस्याएँ सामने आ रही हैं।भीषण गर्मी का असर अब केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पीवीवीएनएल के अंतर्गत आने वाले इन प्रमुख जिलों में बिजली की अधिकतम मांग में 875 मेगावाट से अधिक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। इस सीजन में पीवीवीएनएल क्षेत्र की कुल मांग 11,000 मेगावाट के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई है।उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेडके अनुसार, राज्य स्तर पर 32,673 मेगावाट की ऐतिहासिक मांग की आपूर्ति की जा रही है। जिलों के अनुसार पिक लोड और वर्तमान स्थिति का विवरण इस प्रकार है
हाई-लोड जोन नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ,नोएडा
इस औद्योगिक और आवासीय हब में अकेले लगभग 561 मेगावाट तक की अतिरिक्त मांग बढ़ी है। बढ़ती मांग के कारण सेक्टर-51, 20, 22 और 71 जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नए सब-स्टेशन बनाए जा रहे हैं।गाजियाबाद में बिजली की मांग चरम पर है। इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा और सिद्धार्थ विहार जैसी घनी आबादी वाली सोसायटियों में ग्रिड ओवरलोडिंग के कारण लोकल ट्रिपिंग और शॉर्ट-सर्किट की समस्याएँ देखी गई हैं।मेरठ कीबात करें तों पीवीवीएनएल मुख्यालय होने के नाते यहाँ 24 घंटे आपूर्ति का लक्ष्य है, लेकिन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एसी/कूलर के अत्यधिक उपयोग से ट्रांसफार्मर गर्म होकर फुंकने की दर सामान्य से दोगुनी हो गई है।मध्यम से उच्च लोड जोन (सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद)सहारनपुर और मुजफ्फरनगर: औद्योगिक मिलों और कृषि (ट्यूबवेल) की मांग के कारण इन जिलों का पिक लोड 15% से 25% तक बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में रोस्टर के अनुसार 22 घंटे तक आपूर्ति दी जा रही है।मुरादाबाद में पीतल उद्योग और रिहायशी इलाकों की संयुक्त मांग के कारण शाम के समय लोड अचानक बढ़ गया,जिससे कुछ फीडरों पर एहतियातन कटौती करनी पड़ रही है।।बुलंदशहर, हापुड़, बागपत इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से घरेलू और कृषि क्षेत्र का लोड बढ़ा है। दोपहर और देर रात के समय वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की शिकायतें सबसे ज्यादा आ रही हैं।वर्तमान बिजली आपूर्ति एवं कटौती की स्थितिसरकार के दावों के मुताबिक, नोएडा और गाजियाबाद जैसे महानगरों को 24 घंटे और अन्य जिला मुख्यालयों व ग्रामीण क्षेत्रों को 22 से 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जा रही है।हालाँकि, ज़मीनी स्तर पर कोई 'आधिकारिक घोषित कटौती' नहीं है, लेकिन अत्यधिक लोड के कारण लोकल ब्रेकडाउन (स्थानीय फॉल्ट) की वजह से बिजली गुल हो रही है।


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