सहारनपुर में ट्रेडिंग के नाम पर 1.31 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा
गाजियाबाद से दो आरोपी गिरफ्तार
सहारनपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर एक कारोबारी से 1 करोड़ 31 लाख 25 हजार 200 रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड सहित कई अहम सामान बरामद किए हैं।
रविवार को एसपी सिटी व्योम बिंदल ने प्रेसवार्ता में बताया कि बेहट रोड स्थित मंगलम एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अंशुल गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग चरणों में कुल 1,31,25,200 रुपये निवेश करा लिए गए। जब उन्होंने निवेश की गई रकम निकालने का प्रयास किया तो पैसा वापस नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने KU COIN ऐप और MINGCOIN नामक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश का झांसा देकर ठगी की थी। पुलिस ने तकनीकी जांच में एक संदिग्ध बैंक खाते में चार लाख रुपये ट्रांसफर होने का सुराग जुटाया। बैंक खाते और मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी पहुंची, जहां से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के छपरा निवासी सद्दाम और झारखंड के धनबाद निवासी जावेद अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गाजियाबाद में किराये के मकान में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, स्कैनर, पीओएस मशीन, विभिन्न कंपनियों के पंपलेट, उद्यम पंजीकरण प्रमाण पत्र, सात सिम कार्ड, पासपोर्ट, अलग-अलग नामों के आधार कार्ड, 26 एटीएम, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 19 चेकबुक, 24 बैंक पासबुक, चेक और बिल बुक समेत बड़ी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों से यह आशंका है कि आरोपी फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी का संगठित नेटवर्क चला रहे थे। जांच में दोनों आरोपियों का संबंध 13 अन्य साइबर अपराध शिकायतों से भी सामने आया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने लोगों से ऑनलाइन निवेश के नाम पर दिए जाने वाले अधिक मुनाफे के लालच से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और अपनी बैंकिंग जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।


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