यूपी के गांवों में लगेंगे 1 लाख मिनी बायोगैस प्लांट

 गो-संरक्षण से समृद्धि की राह पर योगी सरकार का विजन

ग्रामीण 25 से 50 हजार की लागत में कर सकेंगे रसोई गैस के खर्च में बचत
यूपी के गांवों में लगेंगे 1 लाख मिनी बायोगैस प्लांट: गो-संरक्षण से समृद्धि की राह पर योगी सरकार का विजन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गो-संरक्षण को ग्रामीण समृद्धि और स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए गांवों के एक लाख से अधिक घरों में 'मिनी बायोगैस प्लांट' स्थापित करने की वृहद योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य गो-पालन को आर्थिक रूप से फायदेमंद बनाना और ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर करना है।

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग द्वारा तैयार की गई इस योजना के तहत ग्रामीण परिवार बेहद कम लागत में अपने घरों पर ही बायोगैस संयंत्र लगा सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, एक मिनी प्लांट को लगाने में करीब 25 हजार से 50 हजार रुपये तक का खर्च आएगा, जो सीधे तौर पर ग्रामीणों के बजट में समाहित हो सकेगा।

एलपीजी पर घटेगी निर्भरता, घरेलू बजट को मिलेगी राहत
इस योजना के धरातल पर उतरने से ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी (रसोई गैस) की खपत में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने योजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि मिनी बायोगैस प्लांट के माध्यम से न सिर्फ घरों को मुफ्त और स्वच्छ ईंधन मिलेगा, बल्कि इससे निकलने वाली स्लरी (अवशिष्ट) का उपयोग बेहतरीन जैविक खाद के रूप में किया जा सकेगा। इससे किसानों को बाजारों से महंगी रासायनिक खाद खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

रसायन मुक्त भोजन और मजबूत कानून व्यवस्था का संकल्प
सरकार का मानना है कि जैविक खाद के बढ़ते उपयोग से प्रदेश में रसायन मुक्त (ऑर्गेनिक) अनाज और सब्जियों का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे आमजन के स्वास्थ्य में सुधार होगा। यह योजना 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को साकार करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान करेगी। इसके साथ ही, गो-संरक्षण को सीधे आर्थिक गतिविधियों से जोड़ दिए जाने के कारण गो-पालकों के लिए आय के नए और स्थायी स्रोत विकसित होंगे, जिससे बेसहारा गोवंश की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा।

‘गो सेवा से समृद्धि’ का नया मॉडल
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि योगी सरकार की इस दूरदर्शी पहल से उत्तर प्रदेश में ‘गो सेवा से समृद्धि’ का एक अनोखा और टिकाऊ मॉडल विकसित हो रहा है। यहाँ गो-संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण आत्मनिर्भरता तीनों एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगे।

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