आठ साल बाद 1,500 मीटर में दौड़ में मेरठ की  पारुल ने जीता गोल्ड 

  4 मिनट 20.45 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया

मेरठ। ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम में 22 सें 28 जून तक आयोजित प्रतियोगिता में पारुल ने 4 मिनट 20.45 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। एशियाई खेलों के लिए निर्धारित क्वालिफाइंग समय 4 मिनट 19.45 सेकंड था। ऐसे में वह केवल एक सेकंड के बेहद मामूली अंतर से इस स्पर्धा का टिकट हासिल करने से चूक गईं।

           मेरठ की अंतरराष्ट्रीय धाविका पारुल चौधरी ने 65वीं राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 1,500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है। विशेष बात यह है के एथलेटिक्स चैंपियनशिप की इस स्पर्धा में पारुल ने पूरे आठ साल बाद हिस्सा लिया और सीधे स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। हालांकि उनका समय एशियाई खेलों के क्वालिफाइंग मार्क से महज एक सेकंड पीछे रह गया।

इस स्पर्धा में उत्तराखंड की अंकित ने 4 मिनट 20.78 सेकंड का समय निकाल रजत पदक और हरियाणा की पूजा ने 4 मिनट 21.48 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता है। हालांकि पारुल पहले ही 3,000 मीटर स्टीपल चेज और 5,000 मीटर दौड़ में एशियन गेम्स का टिकट हासिल कर चुकी हैं और वह इस स्पर्धा की चैंपियन भी रह चुकी हैं।

1,500 मीटर में ऐसा रहा है पारुल का सफर

पारुल चौधरी ने 1,500 मीटर में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर 13 जुलाई 2012 को बेंगलुरु में आयोजित इंडियन अंडर-18 चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। तब उन्होंने 4 मिनट 48.36 सेकंड का समय दर्ज किया था। इसके बाद 29 जून 2018 को गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 4 मिनट 18.80 सेकंड का समय निकाला। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ भी है और यही प्रदर्शन उनके 1,500 मीटर करियर का सबसे तेज समय बना हुआ है।

आठ वर्षों के अंतराल के बाद 27 जून 2026 को उन्होंने फिर से 1,500 मीटर में वापसी की। स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि लंबी दूरी और स्टीपलचेज पर ध्यान केंद्रित करने के बावजूद उनकी गति और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बरकरार है।

लंबी दूरी की धाविका के रूप में अलग पहचान

पारुल चौधरी भारतीय एथलेटिक्स की सबसे बहुमुखी धाविकाओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने 1,500 मीटर के अलावा 3,000 मीटर, 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, 2,000 मीटर स्टीपलचेज, 3,000 मीटर स्टीपलचेज, 10 किलोमीटर रोड रेस, हाफ मैराथन, 25 किलोमीटर रोड रेस और मैराथन जैसी स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है।

राष्ट्रीय चैंपियनशिप का यह स्वर्ण पदक पारुल के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा। 1,500 मीटर में एशियाई खेलों का टिकट उनसे एक सेकंड के अंतर से भले ही छूट गया, लेकिन उनकी मुख्य स्पर्धाओं 3,000 मीटर स्टेपल चेज और 5,000 मीटर दौड़ में वह भारत के लिए पदक की सबसे मजबूत उम्मीदों में शामिल हैं।

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