शास्त्री नगर के व्यापारियों और निवासियों को मिला बड़ा आश्वासन
वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद सुप्रीम कोर्ट में 'प्रो बोनो' (निःशुल्क) लड़ेंगे केस
मेरठ । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन के विशेष प्रयासों से शास्त्री नगर के समस्त प्रभावित व्यापारियों और निवासियों के लिए न्याय की एक बड़ी किरण जागी है। भारत सरकार के पूर्व विदेश एवं कानून मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने शास्त्री नगर के पीड़ितों का पक्ष देश की सर्वोच्च अदालत में 'प्रो बोनो' यानी पूरी तरह निःशुल्क रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को सेंट्रल मार्किट में आयोजित मीडिया बीफ्रग में को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने यह जानकारी दी।
सुदीप जैन ने सलमान खुर्शीद से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया कि शास्त्री नगर की सीलिंग व अन्य प्रभावित कार्यवाहियों के कारण व्यापारियों के आय के सभी साधन बंद हो चुके हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि कई परिवारों के सामने घर का चूल्हा जलाने तक का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में भारी-भरकम कानूनी फीस देना उनके लिए असंभव है। सुदीप जैन के इस भावुक और तर्कपूर्ण निवेदन को स्वीकार करते हुए सलमान खुर्शीद ने बिना कोई फीस लिए केस लड़ने की घोषणा की।
मुलाकात के दौरान एडवोकेट राहुल मलिक, एडवोकेट भविष्य मखीजा व एडवोकेट अंजनय सिंह ने सलमान खुर्शीद को मार्केट की वास्तविक स्थिति के वीडियो दिखाए और वहां के निवासियों व महिलाओं के संघर्ष से अवगत कराया। महिलाओं की पीड़ा और क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखकर सलमान खुर्शीद ने तुरंत अपनी सहमति प्रदान की।
आश्वासन के बाद भी महिलाओं का धरना जारी
शास्त्रीनगर स्थित सेक्टर दो और सेक्टर 4 में सेटबैक को लेकर महिलाओं का धरना प्रदर्शन जारी है। दोनों जगह पर बैठी महिलाओं का साफ कहना है कि सेटबैक छोड़ने को लेकर जब तक उनको लिखित में कोई राहत भरा आश्वासन नहीं मिलता है उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।महिलाओं ने बीती शाम धरना स्थल से पैदल मार्च करते हुए राज्यमंत्री डॉ सोमेंद्र तोमर के घर का घेराव भी किया था। जहां काफी देर तक बैठने के बाद उनको राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि सरकार आपके हित में कार्य कर रही है। हम पूरी कोशिश आपके लिए इस मामले में कर रहे हैं। इसके बाद महिलांए वहां से तो वापस आ गई थी लेकिनअबले दिन फिर से उन्होंने अपना धरना शुरू कर दिया।दरअसल शास्त्रीनगर के सेक्टर 2 और 4 की महिलाओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट केआदेश पर उन्होंने आवासीय में चल रही कॉर्मशियल गतिविधियां बंद कर दी हैं। इसके बाद भी सेटबैक की कार्रवाई की जा रही है। वहां बने ज्यादातर मकान 40 मीटर से कम जगह में बने हुए हैं ऐसे में अगर वह सेटबैक छोड़ते हैं तो उनको अपना परिवार मकानों में पालने का संकट हो जाए।



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