दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पर अभद्रता का लगा आरोप
भांजी का एडमिशन कैंसिल कराने पहुंचे अधिवक्ता बोले- 20 हजार रूपये लौटाने से किया इनकार
मेरठ। जागृति विहार निवासी अधिवक्ता विजय बहादुर ने बागपत रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल मेरठ के प्रिंसिपल पर अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने एसएसपी को शिकायत पत्र सौंप कर कार्रवाई की मांग की है।
विजय बहादुर का कहना है कि उनकी भांजी आराध्या वालिया का स्कूल में एडमिशन कराया गया था। एडमिशन के दौरान स्कूल ने परिवार से फीस जमा करा ली। बाद में बिल्डिंग फीस, ट्यूशन फीस, प्रोग्राम फीस और दूसरी फीस अलग-अलग बताई गईं। ज्यादा खर्च होने पर परिवार ने एडमिशन कैंसिल कराने का फैसला किया और जमा ₹20 हजार वापस मांगे।
आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने फीस लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद 4 मई को विजय बहादुर अपने साथी अधिवक्ता सौरभ सिंधी के साथ स्कूल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल से मिलने से पहले दोनों के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए।
पीड़ित का कहना है कि प्रिंसिपल मनीष सेकरिया से बात के दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने पैसे वापस न होने की बात कही। विरोध करने पर प्रिंसिपल ने उसे अपना सीनियर अकाउंटेंट और बाउंसर बताया। आरोप है कि इसी दौरान जातिसूचक टिप्पणी भी की गई और दोनों को स्कूल से बाहर निकाल दिया गया।
विजय बहादुर ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, प्रिंसिपल और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, ₹20 हजार वापस दिलाने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। साथ ही कहा है कि भविष्य में किसी अन्य अभिभावक के साथ ऐसा व्यवहार न हो, इसके लिए स्कूल को निर्देश दिए जाएं।
वही इस बारे में स्कूल का पक्ष जानने के लिए डीपीएस के प्रधानाचार्य के मोबाइल नम्बर पर बात करने का प्रयास किया तो उनका मौबाइल स्विच ऑफ मिला।


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