सीबीएसई की नई भाषा नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
- छात्र और अभिभावकों ने दाखिल की याचिकानई दिल्ली (एजेंसी)।सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की उस नई नीति के खिलाफ दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने जा रहा है, जिसमें 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य की गई है। 9वीं क्लास के छात्रों को कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी।
सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने इस मामले का जिक्र किया। रोहतगी ने कहा, "यह एक जरूरी पीआईएल है। याचिकाकर्ता छात्र, शिक्षक और माता-पिता हैं। वे सीबीएशई की नई पॉलिसी को चुनौती दे रहे हैं, जिसके तहत 9वीं क्लास में दो और भाषाओं को अनिवार्य कर दिया गया है।"
सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को सोमवार को सुनवाई के लिए लिस्ट करने का आग्रह करते हुए रोहतगी ने कहा, "इससे अफरा-तफरी मच जाएगी।" सीजेआई ने कहा कि अगला सप्ताह 'मिसलेनियस हफ्ता' होगा और इस मामले को लिस्ट किया जाएगा।
क्या है सीबीएसई की नई नीति?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन द्वारा जारी एक हालिया सर्कुलर के अनुसार, बोर्ड ने 1 जुलाई से शुरू होने वाली 9वीं क्लास के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य कर दी है - जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल हैं। सीबीएसई की भाषा व्यवस्था (R1, R2, R3) के तहत तीन में से 2 भारतीय भाषाएं पढ़ना जरूरी हैं।


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