हे लीकेज लीक नीटली...!
- ललिता जोशी
अपनी देश में लीक होना कोई नई बात नहीं है । ये हमारे देश में लीक के कारण बहुत से कांड हुए हैं । भोपाल गैस त्रासदी में गैस लीक के कारण न जाने कितने लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी । पूरे विश्व में हम अंतराष्ट्रीय खबरों में छाए रहे । ये आज भी एक खबर है जिसने अपना अंतर्राष्ट्रीय स्तर बनाए रखा है । इस गैस लीक के कारण आज भी बच्चे विकलांगता के साथ पैदा हो रहे हैं । कहीं पाइपों में पेयजल लीक होता रहता है। तो कभी खोजी पत्रकार गोपनीय खबरों को लीक कर अपने चैनलों और समाचार पत्रों में प्रमुखता से छापते हैं । एक ओर ये लीक टीआरपी बढ़ाने का काम करती तो दूसरी ओर पत्रकार को शोहरत मिलती है।
पिछले कुछ वर्षों में अपने देश में कुछ ज्यादा ही लीक -लीक हो रहा है । प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे आये दिन ही लीक होते रहते हैं । तैयारी करने वाले अभ्यर्थी इतनी मेहनत करने के बाद जब पेपर लीक होने के कारण जब पेपर रद्द होता है तो उन पर क्या बीतती है , पूरे वर्ष गंभीरता से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फिर जाता है । निराश और हताश अभ्यर्थी फिर से प्रतियोगिता की तैयारी में लग जाते हैं । अभ्यर्थियों की मेहनत बर्बाद ,सरकारी पैसे और मशीनरी की बर्बादी । लाखों और करोड़ों रुपये और संसाधनों की बर्बादी । ये सब इतने पर ही नहीं थमता । आजकल अपने देश में नीट की परीक्षा के चर्चे ज़ोर -शोर से चल रहे हैं । ये ऐसी परीक्षा है जिसने लीक होने में रिकार्ड कायम कर लिया है । नीट की परीक्षा में कम से कम 5 बार पेपर लीक हुआ है। इस नीट यू जी के अलावा बहुत सी परीक्षाओं कड़े पेपर लीक हुए । कार्रवाई के नाम पर आनन -फानन में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया जाता है , इसके साथ दूसरा सख्त कदम परीक्षा रद्द कर दी जाती है ।
हमारे जैसे लोकतान्त्रिक देश में लीकेज एक डेली रूटीन की समस्या है। पानी के पाइप लीक होना एक आम बात है । जनता पानी के लिए त्राहिमाम करती है । पानी के लिए नलों और टैंकरों पर लंबी लाइनें लगी रहती है । लोग एक दूसरे पर चढ़े रहते हैं और इसके लिए सिरफुटौवल आम बात है । फिर पता चलता है कि अरे पानी के पाइप में लीकेज है इसलिए पानी की सप्लाई नहीं हो पाएगी । चाहे पानी लीक हो या पेपर इसकी पीड़ा आम डमी को प्रभावित करती है । पेपर लीक से सच्चे परीक्षार्थी को निराशा होती है और अविश्वास भी पनपता है कि ये कैसा सिस्टम है ? सिस्टम की लीकेज सरकार की साख पर बट्टा लगा कर मानो मुंह चिढाती हुई कह रही हो मैं जहाँ चाहूँ वहाँ आ ही जाती हूं । आप मेरा कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते ठहरिये लेकिन में आप का बहुत कुछ बिगाड़ सकती हूं । देश की सुरक्षा संबंधी संवेदनशील सूचनाएँ लीक हो जाए तो देश की सुरक्षा में सैंध लग जाएगी और देश की आंतरिक और सीमाओं की सुरक्षा बिगड़ सकती है । देश के नागरिकों का जीवन खतरे में पद सकता है । वाहन के पहियों की हवा लीक हो जाए तो टायर पंचर हो जाता है और गाड़ी की दुर्घटना भी हो सकती है । घर की छत लीक हो जाए तो घर क्षतिग्रस्त हो जाता है।
अरे परीक्षा के प्रश्न पत्रों की लीकेज सबसे खतरनाक है। लीकेज भी ऐसी है की वो स्कूलों के प्रश्न पत्रों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक अपनी पहुँच बनाए हुए है । इसकी व्यापकता का आलम ये है की ये देश की सुरक्षा संबंधी सूचनाओं, पानी की पाइपों, गैस की और घरों की छत और दरों और दीवारों में कहीं भी हो सकती है । इसका परिणाम केवल नुकसान ही होता है । हे लीकेज आपको लीक होना ही है तो कृपया इतना नीटली हुआ करो की किसी को आपके चरित्र का अनुमान न हो पाये ।
(मुनिरका एन्क्लेव, दिल्ली)





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