मेरठ अवैध शस्त्र फैक्टरी का भंडाफोड़
छात्र करता था सप्लाई, मौसी के घर छिपाए हथियार, चार गिरफ्तार
मेरठ। थाना इंचाैली पुलिस और स्वाट टीम ने खरदौनी के जंगल में चल रही अवैध तमंचा फैक्टरी पकड़ी है। मंगलवार देर पुलिस ने मौके से मास्टरमाइंड इमरान समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग में बीसीए का छात्र उमंग ठाकुर भी तमंचा तस्करी का काम करता है।
पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी इमरान शातिर अपराधी है। वह करीब 25 साल पहले (वर्ष 2000 में) भी शस्त्र फैक्टरी चलाने के आरोप में जेल भेजा गया था। जेल से बाहर आने के लंबे समय बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क तैयार किया और बड़े पैमाने पर तमंचे बनाने लगा।
अलमारी के नीचे बनी सुरंग में अवैध हथियारों की फैक्ट्री
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार बनाने का भारी मात्रा में सामान बरामद किया है। इसमें अधबने और तैयार तमंचे सहित विभिन्न उपकरण शामिल हैं। बरामद सामान में एक अधबना तमंचा और दो तैयार तमंचे मिले। 36 स्प्रिंग, 45 नाल और 12 बोर की नाल के कई पीस जब्त हुए।पुलिस को 115 स्प्रिंग केस भी मिले। हथियार बनाने के लिए बाई, रिंच, पेचकस, प्लास, बेंच वाइस और छैनी मिली। 41 ड्रिल बिट, ग्राइंडर, वेल्डिंग रॉड, आरी और रेती बरामद हुईं। एक वेल्डिंग मशीन और दो प्रकार की खराद मशीनें भी मिलीं।
हर आरोपी निभा रहा था अलग किरदार
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इमरान तमंचे बनाता था। दौराला का रहने वाला कुलदीप मुख्य सप्लायर था। नरेंद्र बीच की कड़ी के रूप में काम करता था। 19 साल का उमंग ठाकुर शहर के एक कॉलेज से बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। वह ऑन डिमांड हथियारों की सप्लाई करता था। बने-अधबने तमंचे और भारी मात्रा में सामान बरामद किया है।




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