मवाना रोड पर डिवाइडर का हुआ जीर्णोद्धार
700 रिफ्लेक्टिव मीडियन मार्कर लगाए गए सड़क पर
रात और खराब मौसम में बेहतर दृश्यता, सुरक्षा बढ़ी
मेरठ। साकेत चौराहे से कसेरूखेड़ा पुल तक मवाना रोड चमक उठा है। मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग तीन करोड़ की लागत से डिवाइडर का जीर्णोद्धार किया गया है। पुराने व क्षतिग्रस्त डिवाइडर को तोड़कर नए सिरे से एक मीटर ऊंचा डिवाइडर बनाया गया है। पहले यह डिवाइडर एक मीटर से कम ऊंचा था। डिवाइडर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी मेडा ने अनुज एसोसिएट्स को दी थी। डिवाइडर पर सफेद व पीला पेंट भी हो चुका है। सड़क सुरक्षा के लिए साकेत चौराहे से भगत लाइंस होते हुए कसेरूखेड़ा पुल तक 2200 मीटर लंबे डिवाइडर पर 700 मीडियन मार्कर लगाए गए हैं।
ये रिफ्लेक्टिव आब्जेक्ट मार्कर अंधेरे में रोशनी पड़ने पर चमक उठते हैं। कसेरूखेड़ा पुल के दोनों तरफ भी इन्हें लगाया गया है। शीशे के बजाय प्लास्टिक से बने होने के कारण इनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी नगण्य है। शहरी क्षेत्र में किसी सड़क पर मीडियन मार्कर का उपयोग पहली बार किया गया है। मीडियन मार्कर डिवाइडर के मध्य में लगाए जाते हैं। यह अत्यधिक मजबूत और लचीले प्लास्टिक से बना है, इनमें दोनों तरफ फ्लोरोसेंट पीले रंग की रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टाइप शीटिंग लगी होती है। बरसात और कोहरे में वाहनों की हेडलाइट से पड़ने वाले प्रकाश को वापस परावर्तित करने से लंबी दूरी से भी अच्छी दृश्यता होती है।
क्या होता है रिफ्लेक्टिव मीडियन मार्कर
रिफ्लेक्टिव मीडियन मार्कर (Reflective Median Marker) सड़क सुरक्षा उपकरण हैं जिन्हें डिवाइडर या मीडियन पर लगाया जाता है। ये वाहन की हेडलाइट्स की रोशनी को परावर्तित (Reflect) करके रात में या खराब मौसम में सड़कों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं, जिससे हादसों का खतरा कम होता है।
विशेषताएँ और लाभ
बेहतर दृश्यता (Visibility) : इनमें 3M जैसी उच्च-तीव्रता वाली परावर्तक टेप लगी होती है, जो ड्राइवरों को दूर से ही मीडियन की स्थिति का संकेत देती है।
लचीलापन और मजबूती: अधिकांश मार्कर मजबूत और लचीले (Flexible) पॉलीयूरेथेन या ABS प्लास्टिक से बने होते हैं। वाहनों के टकराने के बाद भी ये बिना टूटे वापस अपनी मूल स्थिति में आ जाते हैं (Bounce-back)।


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