शहर में बनेंगे ‘एलपीजी मुक्त’ मोहल्ले और कॉलोनियां
नोटिस के बाद एलपीजी सिलिंडर बंद होंगे ,हर घर में लगेगा पीएनजी कनेक्शन
मेरठ। ऊर्जा संकट के बीच मेरठ में पीएनजी को बढ़ावा देने और एलपीजी सिलिंडरों पर निर्भरता कम करने की तैयारी शुरू हो गई है। अब जिन कॉलोनियों में पीएनजी लाइन पहुंच चुकी है, वहां रहने वाले लोगों को एलपीजी कनेक्शन हटाना पड़ेगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को तीन महीने का समय दिया जाएगा। इस दौरान जिन घरों में अब तक पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया गया है, उन्हें भी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।
गेल गैस लिमिटेड मेरठ ने इस अभियान की शुरुआत कर दी है। कंपनी पहले उन कॉलोनियों को नोटिस भेज रही है, जहां अधिकांश घरों में पहले से पीएनजी कनेक्शन मौजूद हैं। नोटिस जारी होने के बाद जिन घरों में कनेक्शन नहीं होगा, वहां 10 दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।जब किसी कॉलोनी के सभी घरों में पीएनजी कनेक्शन हो जाएंगे, तब जिलाधिकारी की मौजूदगी में उसे आधिकारिक रूप से ‘एलपीजी मुक्त कॉलोनी’ घोषित किया जाएगा। इसके बाद पेट्रोलियम कंपनियों को सूची भेजी जाएगी और संबंधित एलपीजी कनेक्शन निरस्त कर दिए जाएंगे।
गेल गैस लिमिटेड मेरठ क्षेत्र के महाप्रबंधक विनय कुमार ने बताया कि नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही शहर की तीन से चार कॉलोनियों को एलपीजी मुक्त घोषित किया जाएगा। यह फैसला मुख्यालय के निर्देश पर लिया जा रहा है।
शहर में 1138 ऐसे उपभोक्ता भी चिह्नित किए गए हैं जिन्होंने एक साल से अधिक समय से पीएनजी का बिल जमा नहीं किया। गेल गैस लिमिटेड ने इन उपभोक्ताओं की पीएनजी आपूर्ति बंद कर दी है।
कंपनी ने ऐसे उपभोक्ताओं की सूची एलपीजी के क्षेत्रीय वितरण अधिकारी (कोऑर्डिनेटर) नोएडा को भेजकर उनके एलपीजी कनेक्शन निरस्त करने की भी सिफारिश की है। बकाया बिल जमा होने के बाद ही दोबारा पीएनजी सप्लाई शुरू की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक सीएनजी और पीएनजी एक ही गैस हैं। भारत अपनी कुल सीएनजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत उत्पादन देश में ही करता है, इसलिए घरेलू उपभोक्ताओं और वाहनों की सप्लाई पर तत्काल संकट की आशंका नहीं है। घरों, होटलों, कैंटीन और वाहनों तक निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए औद्योगिक पीएनजी की सप्लाई में कटौती की गई है। उद्योगों को फिलहाल उनकी कुल जरूरत का केवल 55 प्रतिशत गैस उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।


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