बेटी के शव के साथ रहने के मामले में नया मोड़
मैं डर गया था, मुझे लगता था कि बेटी जिंदा हो जाएगी, पुलिस ने दर्ज कराई प्राथमिकता
मेरठ। थाना सदर बाजार क्षेत्र में बेटी के शव के साथ रहने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अब बेटी की लाश के साथ रहने वाले पिता उदयभानु पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मेडिकल कॉलेज में मानसिक परीक्षण के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोपी की दिमागी हालत सामान्य है।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद से सेवानिवृत्त लिपिक उदयभानु विश्वास के घर से 10 अप्रैल की रात उनकी बेटी का शव (कंकाल) बरामद किया गया था। जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बुधवार को मनोरोग विभाग की टीम ने उसे डिस्चार्ज कर पुलिस को उसकी दिमागी हालत सामान्य होने की रिपोर्ट दी। शव मिलने के 25 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
तेली मोहल्ला स्थित घर में प्रियंका विश्वास (33) की मौत के बाद उसके शव के साथ रहने वाले पिता उदयभानु विश्वास (76) पर बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। पुलिस ने उदयभानु का मेडिकल कॉलेज में मानसिक परीक्षण कराया था।
उदयभानु ने बताया कि उसकी बेटी प्रियंका पीलिया से पीड़ित थी। उसने बेटी को झाड़-फूंक करने वाले शकील को कई बार दिखाया था। चार-पांच महीने पहले प्रियंका की मौत हुई थी। आरोपी के सही जानकारी न दे पाने के कारण अब तक प्रियंका की मृत्यु की तिथि स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पांच दिन उदयभानु बेटी के शव के साथ रहा और फिर हरिद्वार चला गया। कुछ दिन हरिद्वार में रहने के बाद उदयभानु मेरठ आया और फिर से बेटी के शव के साथ घर में रहा था। इसके बाद वह पांच दिसंबर को वह दोबारा हरिद्वार गया था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले परिजनों ने उसे जाते हुए देखा था। इसके बाद भी उदयभानु मेरठ आया था और बेटी के शव के साथ रहा था।
जमानती धाराओं में दर्ज की प्राथमिकी
पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 239 और 271 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। धारा 239 में किसी घटना-अपराध को छुपाने व पुलिस को जानकारी न देने पर कार्रवाई की जाती है। धारा 271 के अंतर्गत जीवन के लिए खतरनाक रोग (संक्रामक बीमारी) फैलाने से संबंधित है। पुलिस का कहना है कि शव कई महीने तक घर में रहने से बीमारी फैल सकती थी। दोनों ही अपराध में 6 महीने तक की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
मैं डर गया था..मुझे लगता था कि बेटी जिंदा हो जाएगी
बुधवार को उदयभानु के घर पर दो ताले लगे हुए थे। उनके भतीजे विश्वजीत विश्वास घर के पास ही अपने घर के सामने बेंच पर बैठे थे। उन्होंने बताया कि दोनों ताले पुलिस ने लगाए हैं। 10 अप्रैल को उदयभानु को हरिद्वार से वापस लौटने के बाद इसी बेंच पर बैठाया गया। उनसे पूछा कि प्रियंका कहां है वह कह रहे थे कि देहरादून है। काफी देर बाद उन्होंने बताया कि वह घर में बंद है। तब पुलिस को सूचना दी गई। कुछ दिन पहले वह उदयभानु से मिलने एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज गए थे।
यहां उदयभानु से उन्होंने पूछा कि तुमने प्रियंका की मौत की बात क्यों छिपाई। तब उन्होंने कहा कि मैं डर गया था, मुझे लगता था कि बेटी जिंदा हो जाएगी। इसलिए वह कई बार उसे सिर और गाल पर हाथ लगाकर उसे उठाने की कोशिश करता था। विश्वजीत का कहना है कि उन्होंने कई महीने से घर की सफाई नहीं की थी। घर में काफी कूड़ा भरा था। हो सकता है कि वह इसी वजह से डर गए हों।
बोली अधिकारी
मानसिक परीक्षण की रिपोर्ट सामान्य आने के बाद उदयभानु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
। -नवीना शुक्ला, सीओ सदर


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