बंगाल में एतिहािसिक जीत पर बंगाली समाज ने मनाया विजय उत्सव 

कार्यक्रम में झालमुरी एवं मेरठ के प्रसिद्ध लड्डुओं का वितरण

 मेरठ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में प्राप्त हुई ऐतिहासिक विजय और श्री शुभेंदु अधिकारी  के मुख्यमंत्री बनने की हार्दिक प्रसन्नता में,  क्रांति दिवस के पावन अवसर पर, सायं 4:00 बजे झंडा वाला चौक, शहर सराफा बाजार, में बंगाली सर्व समाज, मेरठ एवं बंगाली स्वर्ण शिल्पी समाज द्वारा भव्य 'विजय उत्सव' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झालमुरी एवं मेरठ के प्रसिद्ध लड्डुओं का वितरण कर खुशी मनाई गई।

 10 मई वही ऐतिहासिक दिन जब 1857 में मेरठ की धरती से आजादी की पहली चिंगारी फूटी थी। मंगल पांडे, धन सिंह कोतवाल जैसे अमर शहीदों ने इसी मेरठ से अंग्रेजी हुकूमत को ललकारा था। आज उसी क्रांति-धरा पर बंगाल की नई क्रांति - विकास की क्रांति का उत्सव मनाया जा रहा है। 1857 की क्रांति की ज्वाला मेरठ से उठी थी, तो उसे 'जय हिंद' का नारा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की कर्मभूमि बंगाल बनी। विश्व को 'जन-गण-मन' देने वाले गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर जी ने जहाँ बंगाल की मिट्टी को धन्य किया, वहीं मेरठ की धरती ने सदैव राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की मिसाल पेश की है। मेरठ का सराफा बाजार बंगाल के कुशल स्वर्ण शिल्पियों की कला से जगमगाता है। यह संगम 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की जीवंत तस्वीर है। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रेरणा लेकर दोनों प्रदेश के लोग राष्ट्रनिर्माण में जुटे हैं।

मेरठ के बंगाली कारीगरों का योगदान:  

 ऐतिहासिक परिवर्तन में मेरठ में रह रहे बंगाली स्वर्ण शिल्पी समाज का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। मेरठ सराफा बाजार की शान बढ़ाने वाले सैकड़ों कुशल बंगाली कारीगरों ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समाज के अनेक सदस्यों ने अपनी राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए हवाई जहाज, रेल एवं सड़क मार्ग से यात्रा कर पश्चिम बंगाल पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कई परिवार तो चुनाव से 15-20 दिन पहले ही बंगाल पहुंच गए थे और अपने क्षेत्र में विकास व सुशासन के लिए लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। मेरठ के सराफा बाजार ने इन कारीगरों की देशभक्ति को सलाम किया है।

पश्चिम बंगाल: नया सवेरा:  

आयोजकों ने कहा कि 1857 के शहीदों ने जिस आजादी का सपना देखा था, आज बंगाल की जनता ने उस सपने को नई दिशा दी है। बंगाल ने भय और अराजकता से आजादी पाकर विकास का रास्ता चुना है। नेताजी के सपनों का 'सोनार बांग्ला' अब साकार होगा। श्री शुभेंदु अधिकारी जी के नेतृत्व में बंगाल में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, निवेश का माहौल बनेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। गुरुदेव टैगोर जी की 'चित्त जहाँ भय-शून्य' वाली कल्पना का बंगाल अब हकीकत बनेगा। मेरठ और बंगाल के बीच सदियों पुराना व्यापारिक व सांस्कृतिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ होगा।

भविष्य की उम्मीद:  

बंगाल में अब 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' की नीति पर काम होगा। भयमुक्त वातावरण में व्यापार-उद्योग फलेंगे-फूलेंगे। मेरठ के सराफा व्यापारियों को भी पूर्ण विश्वास है कि बंगाल में स्थिर सरकार बनने से दोनों राज्यों के बीच आभूषण व्यापार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक मनोज मंडल ,  विश्वजीत कोले, संजय कोठाल, उप्पल एवं प्रभास मेहती, विश्वजीत, सोमन बाग, गोपाल , सुनील  भास्कर बंगाली, अरुण , मोहन , देवाशीष , सोहलन पाल , आदि रहे एवं बंगाली स्वर्ण शिल्पी समाज के सैकड़ों सदस्यगण उपस्थित रहे। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से  अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, महामंत्री विजयआनन्द अग्रवाल,अनुज अग्रवाल, हंस कुमार जैन, राकेश माहेश्वरी, अनुराग जैन, संदीप अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, अनिल शारदा, नरेश महेश्वरी, दीपक जोहरी एवं शहर के अन्य प्रतिष्ठित सराफा व्यापारीगण उपस्थित रहे।


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