यूपी के 600 सरकारी स्कूलों में बनेंगी 'ड्रीम लैब्स'

 एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे छात्र, सरकार और नेल्को के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता 

सभी 75 जिलों में के कक्षा 9 से 12 तक के छात्र सीखेंगे भविष्य की तकनीक

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक और वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में समग्र शिक्षा (माध्यमिक) विभाग और टाटा एंटरप्राइज के अग्रणी औद्योगिक समूह 'नेल्को लिमिटेड'  के बीच 600 राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक 'ड्रीम लैब्स' (डिजाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) की स्थापना के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कदम राज्य के विद्यार्थियों को 'इंडस्ट्री 4.0' की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

युवाओं के भविष्य में सबसे बड़ा निवेश: पार्थ सारथी

अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने समझौते के दौरान इस पहल को राज्य के युवाओं के भविष्य में एक बड़ा निवेश बताया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक इंडस्ट्रियल डिमांड को देखते हुए हमारे विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल से लैस करना बेहद जरूरी है। ड्रीम लैब्स इसी दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। वहीं, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने आकांक्षी जनपदों में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए हब एवं स्पोक मॉडल, मशीनरी स्थापना और प्रशिक्षकों की गुणवत्ता की सख्त और परिणाम आधारित निगरानी की बात कही।

हब एवं स्पोक मॉडल के जरिए तीन चरणों में बिछेगा नेटवर्क

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों को कवर किया जाएगा, जिसमें कुल 600 विद्यालयों को 150 हब और 450 स्पोक विद्यालयों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका क्रियान्वयन तीन चरणों में होगा:

प्रथम चरण: 18 हब एवं 54 स्पोक विद्यालय (कुल 72)

द्वितीय चरण: 36 हब एवं 108 स्पोक विद्यालय (कुल 144)

तृतीय चरण: 96 हब एवं 288 स्पोक विद्यालय (कुल 384)

ड्रोन से लेकर 3डी प्रिंटिंग तक का मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान

इन 'ड्रीम लैब्स' को हाई-टेक नवाचार केंद्रों के रूप में तब्दील किया जाएगा। यहाँ कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 3डी प्रिंटिंग, उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग), बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहन (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा और ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का लाइव और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पूरी योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और 'स्किल इंडिया मिशन' के मानकों के अनुकूल तैयार की गई है।

पांच साल तक टाटा की 'नेल्को' संभालेगी कमान 

यह परियोजना पांच वर्षीय साझेदारी मॉडल पर आधारित है। इसके तहत नेल्को लिमिटेड और उसके सहयोगी औद्योगिक समूह स्कूलों को अत्याधुनिक मशीनरी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर और मेंटेनेंस सपोर्ट देंगे। साथ ही उद्योग जगत के विशेषज्ञ स्वयं बच्चों को ट्रेनिंग देंगे और शिक्षकों को भी ट्रेंड करेंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर यास्कावा, मास्टरकैम, 3डी सिस्टम्स, अज्नालेंस और एसीई माइक्रोमैटिक जैसी दुनिया की दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अपर निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) सुरेंद्र कुमार तिवारी और अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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