उद्योगों को होगा 340 करोड़ का घाटा

 प्रमुख छह उद्योग में प्रयोग होने वाले कच्चे माल की कीमत दोगुनी

 मेरठ। ट्रांसपोर्टरों की बंदी के कारण शहर में तीन दिन में 340 करोड़ की सप्लाई प्रभावित होने का अनुमान है। इसका दूसरे दिन भी दिखाई दिया । शहर में 114 करोड़ की सप्लाई पहले दिन प्रभावित हुई। इसमें सर्वाधिक कच्चे माल की बढ़ी कीमतों से उद्योग प्रभावित है। पांच लाख में बनने वाला माल अब 10 लाख रुपये में बन रहा है।

शहर में सर्वाधिक खेल, जिम उपकरण, गार्मेंट, फिटनेस, ऑटोमोबाइल, ट्रांसफार्मर पार्ट्स, केमिकल उद्योग प्रभावित हैं। ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने बताया कि यहां 120 उद्योग संचालित हैं। दोगुना कीमतों के साथ आर्डर सप्लाई करने में मुश्किल हो रही है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर हैं।

महामंत्री विक्रांत गोयल ने बताया कि शहर के प्रमुख छह उद्योग में प्रयोग होने वाले कच्चे माल की कीमत दोगुनी हो गई है। जामनगर से आने वाला पीतल 650 के स्थान पर एक हजार पर पहुंच गया है। प्लास्टिक एक माह से शीर्ष पर है। केमिकल का भी आतंक है। रबर उद्योग में टीएमटी केमिकल का प्रयोग होता है। इसकी कीमत 200 रुपये किलो से अब 450 रुपये किलो हो गई है। परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुन जैन ने कहा कि एमएसएमई के अस्तित्व को बचाने के लिए सरकार द्वारा विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए। औद्योगिक क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है।

दूसरे दिन  परतापुर टोल पर ट्रक रोक दिए गए । बीएस 4 वाहनों पर प्रतिबंध और ईसीसी शुल्क बढ़ोतरी वापस लेने की मांग उठाई गई। ट्रकों का चक्का जाम होने से प्रमुख 6 उद्योग में प्रयोग होने वाले कच्चे माल की कीमत  दुगनी हो गयी है। ट्रासपोर्ट पर उठान न होने से माल का अंबार लग गया है। 

 ट्रांसपोर्टरों ने सीएक्यूएम और दिल्ली सरकार पर ट्रांसपोर्टर्स के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए परतापुर फ्लाईओवर के नीचे प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रांसपोर्ट नगर में पार्सल बुकिंग भी बंद रही।ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की मेरठ टीम के नेतृत्व में परतापुर टोल प्लाजा पर ट्रकों को रोककर सांकेतिक चक्का जाम किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट कारोबारी और वाहन चालक मौजूद रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व अंकुर, दीपक गांधी, रोहित कपूर, अनीश चौधरी, अतुल शर्मा, मनीष प्रधान ने किया। संगठन अध्यक्ष अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से देश के विभिन्न राज्यों से दिल्ली आने वाले ट्रकों पर ईसीसी (एनजीटी कर) में बढ़ोतरी की गई है। इससे ट्रांसपोर्ट कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि बुधवार अर्धरात्रि तक लगातार पुलिस के फोन आते रहे कि हमें घर में नजरबंद किया जाएगा। ऐसे में हमने शहर से बाहर होने की बात कही। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टरों ने एक नवंबर 2026 से बीएस 4 कमर्शियल वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के फैसले का भी विरोध किया है। पहले से आर्थिक संकट झेल रहे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को सुविधा प्रदान की जाए। जाम के दौरान अंबे गोयल, मनीष प्रधान, देवेंद्र, धीरज, सोनू नगर, सुभाष शर्मा, पिंकू, गोविंद, संतोक सिंह और प्रेम सिंह आदि अलग-अलग स्थानों पर रहे।



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