19 माह से धरने पर बैठे किसानों से मिले अफसर
गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के लिए जमीन देने से किया इंकार
मेरठ। खरखौदा क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े औद्योगिक कॉरिडोर निर्माण को लेकर किसानों का विरोध लगातार जारी है। पिछले 19 माह से धरने पर बैठे किसानों के बीच एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश और एसडीएम सदर दीपक माथुर पहुंचे।अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर विकास कार्यों में सहयोग की अपील की, लेकिन किसानों ने साफ तौर पर अपनी कृषि भूमि देने से इनकार कर दिया।
धरना स्थल पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष चौपाल सिंह समेत अन्य किसानों ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए वे पहले ही अपनी जमीन दे चुके हैं। अब कॉरिडोर के दूसरे फेस के लिए फिर से जमीन मांगी जा रही है, जबकि अधिकांश किसानों के पास केवल एक से डेढ़ एकड़ खेती ही बची है।
किसानों का कहना है कि यह जमीन बेहद उपजाऊ है और इसी से करीब 800 किसान परिवारों का जीवनयापन होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरिडोर बनने से किसानों का नहीं बल्कि केवल पूंजीपतियों का विकास होगा, जबकि किसानों का विनाश तय है।
अधिकारियों ने किसानों से सर्किल रेट और मार्केट रेट को लेकर भी चर्चा की, लेकिन किसानों ने एकजुट होकर कहा कि कोई भी किसान दूसरे फेस के लिए अपनी कृषि भूमि देने को तैयार नहीं है। किसानों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
बातचीत के बाद एडीएम प्रशासन ने किसानों के बीच बैठकर धरना स्थल पर चाय पी। इस दौरान मांगेराम, राजकुमार नागर, संतरपाल, बृजपाल प्रधान खड़खड़ी, महेश त्यागी, नीरज त्यागी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


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