जमीन और प्रेम प्रसंग के चलते बहन ने ली भाई समेत तीन की जान
अंकित की बहन ने मिलाया था पाउच में जहर
बहन और उसका प्रेमी पुलिस हिरासत में
बार बार बयान बदलने से तीन मौत से उठा पर्दा
मेरठ। एक बार फिर से रिश्ते कलंकित हुए हैं दौराला में तीन लोगों मौत के मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार तफ्तीश में सामने आया है कि स्पेलर संचालक बाबूराम प्रजापति, जितेंद्र कश्यप व अंकित उर्फ दौलत की मौत शराब पीने से नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। पुलिस का दावा है कि अंकित उर्फ दौलत की सगी बहन अलका ने ही अपने प्रेमी उर्फ पोली के साथ मिलकर शराब के पाउच में जहर मिलाया था। पुलिस ने अलका और उसके प्रेमी पवन को हिरासत में ले लिया है। कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
दरअसल पुलिस जांच में सामने आया है कि अंकित की बहन अलका का गांव के ही पवन उर्फ पोली के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अंकित इस रिश्ते का विरोध करता था जो अलका और पवन की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ था। इसके अलावा अलका की नजर अंकित के हिस्से की जमीन पर भी थी। प्रेमी युगल ने योजना बनाई थी कि अंकित को रास्ते से हटाकर वे शादी कर लेंगे और जमीन बेचकर ऐश करेंगे।
एक की हत्या की योजना में तीन की गई जान
पुलिस के मुताबिक अलका और पवन ने अंकित को ठिकाने लगाने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया। उन्हें पता था कि अंकित शराब पीता है इसलिए उन्होंने घर में रखी शराब में जहर मिला दिया। अलका को डर था कि अगर अंकित अकेला मरता है तो शक की सुई उस पर घूम सकती है। इसलिए उसने शराब में जहर मिलाया ताकि यह एक सामान्य जहरीली शराब का मामला लगे। अनजाने में अंकित वही जहरीली शराब लेकर अपने दोस्त बाबूराम के स्पेलर पर पहुंच गया। वहां अंकित के साथ बाबूराम और जितेंद्र ने भी वही शराब पी ली जिससे चंद मिनटों में तीनों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने कबूला जुर्म
यह शराब देसी ठेके से आई थी इसकी जानकारी लगने पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में खलबली मच गई थी। डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और फिर एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने मौके पर पहुंचकर जांच की। रातभर पुलिस प्रशासन, आबकारी विभाग द्वारा जांच कराई जा रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में यह भी साफ हो गया है कि सरकारी ठेके की शराब में कोई कमी नहीं थी। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जो बहन कल तक भाई की लाश से लिपटकर लोगों की सहानुभूति बटोर रही थी वहीं उसकी कातिल निकली। पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त जहर के स्रोत और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।
लोग चर्चा कर रहे थे कि अलका ने भाई की जिम्मेदारी के चलते शादी नहीं की थी लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि जिस भाई को अलका एकमात्र सहारा बता रही थी उसे रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने प्रेमी पवन उर्फ पोली के साथ मिलकर इतनी बड़ी साजिश रच डाली।
अलका के बदलते बयानों ने खोली साजिश की परतें
तीन लोगों की मौत के मामले में अंकित की बहन अलका के बयानों ने ही उसकी गर्दन कानून के शिकंजे में फंसा दी। शुरुआत में पुलिस इस मामले में शराब से मौत के बिंदु से भी जांच कर रही थी, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि ठेके से बंटी जीरा ब्रांड के 300 ट्रेटा पैक बिक गए थे लेकिन अन्य किसी के बीमार होने की सूचना नहीं आई। ऐसे में पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली और मृतकों के परिजनों से पूछताछ की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान अलका का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध था। वह बार-बार अपने बयान बदल रही थी। पहले उसने खुद को पूरी तरह अनजान बताया। जब पुलिस ने कड़ाई से शराब के स्रोत और घर की परिस्थितियों पर सवाल किए तो वह हर बार नई कहानी सुनाने लगी। उसके बयानों में तालमेल न होने के कारण पुलिस का शक उस पर गहराता चला गया।
जांच भटकाने का नाकाम प्रयास
अधिकारियों का कहना है कि अलका लगातार इमोशनल ड्रामा रच रही थी ताकि जांच की सुई उसकी तरफ न मुड़े। वह बार-बार जांच अधिकारियों को गुमराह करने और तथ्यों को छिपाने का प्रयास करती रही लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सख्ती का सहारा लिया तो वह टूट गई और सच्चाई उगल दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता और अलका के संदिग्ध आचरण को देखते हुए उसे और उसके प्रेमी पट्टन उर्फ पोली को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। जल्द ही पुलिस इस पूरे मामले का आधिकारिक रूप से खुलासा कर देगी।
शोक का ऐसा नाटक पुलिस और ग्रामीण भी चकराए
अंकित की मौत के बाद उसकी बहन अलका ने शोक का ऐसा नाटक किया पुलिस और ग्रामीण भी एक पल के नए चकमा खा गए। वह अंकित के शव बिलखकर रोती रही। वह बार-बार एक बात बोल रही थी भैया उठो ना... देखो
मैं आ गई... मुझे छोड़कर मत जाओ...। वह बार-बार बेसुध हो रही थी भाई को शराब छोड़ने की अपनी पुरानी सलाहों का वास्ता देकर खुद को कोस रही थी।
सिसकियों के बीच उसने कहा था, मैं उसे बार-बार टोकती थी कि शराब मत पिया करो... अगर उसने मेरी बात मान ली होती, तो आज वह जिंदा होता।


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