सीसीएसयू   एवं जिला अर्थ एवं सांख्यिकी कार्यालय के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर

 — जीरो पॉवर्टी अभियान को मिलेगा नया आयाम

मेरठ। सीसीएसयू एवं जिला अर्थ एवं सांख्यिकी कार्यालय, मेरठ के मध्य उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश से अत्यंत गरीब (एक्सट्रीम पॉवर्टी) वर्ग के उन्मूलन हेतु संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ बनाना है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला एवं जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी मोहम्मद परवेज की उपस्थिति में यह एमओयू संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक प्रोफेसर वीरपाल सिंह, डिप्टी डायरेक्टर रिसर्च प्रोफेसर जितेंद्र सिंह, डीडीयू से  श्वेतांक सिंह तथा अतिरिक्त सांख्यिकी अधिकारी श्रीमती सीमा यादव भी उपस्थित रहे।

रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक प्रोफेसर वीरपाल सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह एमओयू केवल एक औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि शिक्षा और प्रशासन के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी एवं संकाय सदस्य ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर डेटा आधारित अध्ययन, सर्वेक्षण तथा विश्लेषणात्मक कार्यों के माध्यम से ऐसे परिवारों की पहचान और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करेंगे जो अत्यंत गरीबी की श्रेणी में आते हैं।

प्रोफेसर सिंह ने आगे कहा कि "ज्ञान आधारित हस्तक्षेप (Knowledge-based Intervention) के माध्यम से हम केवल समस्याओं की पहचान ही नहीं करेंगे, बल्कि उनके स्थायी समाधान के लिए व्यवहारिक सुझाव भी प्रस्तुत करेंगे। विद्यार्थी इस प्रक्रिया में सामाजिक उत्तरदायित्व को समझेंगे और जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए प्रशासनिक योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान देंगे।"

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से एक ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा, जो न केवल मेरठ जनपद बल्कि पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके। यह मॉडल शैक्षणिक संसाधनों, शोध क्षमता और प्रशासनिक अनुभव के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts