हीट वेव का अलर्ट: स्वास्थ्य विभाग ने जारी की बचाव की एडवाइजरी

 मेरठ। हीट वेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार  को एडवायजरी जारी कर दी है। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया की ओर से जारी की गई एडवायजरी में सलाह दी गई है कि 12 बजे से लेकर तीन बजे तक धूप में बाहर न निकलें।

अपील की गई है कि सावधान रहें तथा हीट वेव अथवा लू के संबंध में जारी की जा रही चेतावनी पर ध्यान दें। हीट स्ट्रोक, हीट रैश, हीट कैम्प के लक्षणों जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सरदर्द, उबकाई, पसीना आना, मूर्छा आदि को पहचानें। यदि मूर्छा या बीमारी अनुभव करते है तो तुरन्त चिकित्सीय सलाह लें। शरीर में जल की कमी न होने दें।

अधिक से अधिक पानी पियें, यदि प्यास न लगी हो तब भी पिये। यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ अवश्य ले जाएं। ओआरएस, घर में बने हुये पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड़), नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें, जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके।

इन बातों का रखें ख्याल

जल की अधिक मात्रा वाले मौसमी फल एवं सब्जियों का प्रयोग करें । शरीर को ढंक कर रखें। हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले हल्के वस्त्र पहनें। धूप के चश्में, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें। अगर खुले में कार्य करते है तो सिर, चेहरा, हाथ पैरों को गीले कपड़े से ढके रहें तथा छाते का प्रयोग करें।

अधिक से अधिक अवधि के लिए घर कार्यालय इत्यादि के अंदर रहें। उचित वायु संचरण वाले शीतल स्थानों पर रहें। सूर्य की सीधी रोशनी तथा ऊष्ण हवा को रोकने का उचित प्रबंध करें।

घरों को ठंडा रखें, दिन में खिड़कियां, पर्दे तथा दरवाजे बंद रखें। शाम और रात के समय घर तथा कमरों को ठंडा करने को इन्हें खोल दें। पंखे, गीले कपड़ों का उपयोग करें। जानवरों को छायादार स्थानों पर रखें तथा उन्हें पर्याप्त पानी पीने को दें।

क्या करें क्या न करें

नंगे पैर घरों से बाहर ना निकलें।

अधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थो के प्रयोग से बचें तथा बासी भोजन का प्रयोग न करें।

गहरे रंग के भारी तथा तंग कपड़े न पहनें।

अधिक गर्मी वाले समय में खाना बनाने से बचें, रसोई वाले स्थान को ठंडा करने के लिये दरवाजे तथा खिड़कियां खोल दें।

शराब, चाय, काफी, कार्बोनेटेड साफ्ट ड्रिंक आदि के उपयोग करने से बचें, क्योकि यह शरीर में निर्जलीकरण करते हैं।

कामगारों के लिये शीतल पेयजल की व्यवस्था रहे तथा कर्मियों को प्रत्येक 20 मिनट की अवधि पर जल का सेवन करने को कहा जाये ताकि उनके शरीर में जल की कमी न हो।

कर्मियों के लिये छायादार कार्यस्थलों का प्रबंध हो।

पूरी बाजू की कमीज तथा पूरी लंबाई की पेंट का प्रयोग किया जाए एवं सिर को ढक कर रखा जाए ताकि सूर्य की रोशनी के सीधे प्रभाव से बचा जा सके।

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