गर्मी में तनाव व चिंता से बढ़े सिरदर्द व माइग्रेन के रोगी
ओपीडी में आ रहे 50 फीसदी से ज्यादा
मेरठ। अचानक गर्मी बढ़ने से मेडिकल काॅलेज व जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। मरीजाें बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सक भी लोगों से धूप से बचने की अपील कर रहे है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डा अरविन्द कुमार ने बताया अचानक तेज सिरदर्द अथवा माइग्रेन के साथ बुखार, थकान, हाथ-पैर में सुन्नता आती है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। यह दिमाग में गंभीर समस्या के लक्षण हैं। तेज धूप के कारण ओपीडी की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गयी है। पहले दो मरीज आ रहे है। अब यह संख्या बढ़कर 350 से अधिक हो गयी है।
मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में सिर दर्द, माइग्रेन और तीव्र सिर दर्द के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इन रोगियों के बढ़ने की वजह तनाव व चिंता ही नहीं बल्कि गर्मी का मौसम भी है। यही वजह है कि ओपीडी में आने वाले रोगियों में 50 फीसदी से ज्यादा यही समस्या लेकर आ रहे हैं।
न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डाॅ. अखिल प्रकाश ने बताया कि गर्मी में सिर दर्द और माइग्रेन की समस्या बढ़ जाती है। यदि किसी को तनाव और अधिक चिंता रहती है तो यह समस्या जल्द लौट आती है। सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा होती है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सिरदर्द व माइग्रेन खतरनाक नहीं होता है। कभी-कभी लंबे समय तक रहने से परेशानी बढ़ जाती है। इससे बचाव के लिए लोगों को चाहिए कि धूप, शोर-शराबा, मानसिक तनाव, चिंता कतई न करें। भूखा न रहें और सफर करने से बचें। लोगों को चाहिए कि दिनचर्या में बदलाव करें। हल्का व्यायाम और योग करें। यदि अचानक तेज सिरदर्द अथवा माइग्रेन के साथ बुखार, थकान, हाथ-पैर में सुन्नता आती है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। यह दिमाग में गंभीर समस्या के लक्षण हैं।
जिला अस्पताल में भी ओपीडी में बढ़ी बुखार के मरीजों की संख्या
जिला अस्पताल की एसआईसी सुदेश कुमारी का कहना है अचानक गर्मी बढ़ने से अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गयी है। जिसमें सिर में दर्द व बुखार के मरीज ज्यादा है।
यह अंतर है सिरदर्द व माइग्रेन में
सामान्य सिरदर्द में सिर में जकड़न या हल्का दबाव होता है। यह सिर के दोनों तरफ होता है। माइग्रेन में सिर के एक तरफ तेज दर्द होता है। इसमें मतली, उबकाई आदि होती है। प्रकाश या ध्वनि के प्रति अधिक संवेदनशीलता होती है।


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