फंदे से लटका मिला महिला बैंक मैनेजर का शव 

तीन दिन बाद भाई की शादी, सिविल लाइन पुलिस ने शव मोर्चरी भिजवाया, जांच शुरु

मेरठ।  सिविल लाइन थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित छीपी टैंक पर एक युवती का फंदे पर झूलता शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। युवती आगरा के बैंक में मैनेजर बताई जा रही है। तीन दिन बाद ही उसके भाई की शादी होनी थी। उससे पहले ही यह हादसा हो गया। पुलिस ने शव मोर्चरी भिजवा दिया है।

छीपी टैंक प्रभात वाली गली में सत्येंद्र कुमार गुप्ता का परिवार रहता है। वह पुलिस विभाग से रिटायर हैं। एक बेटा ग्रामीण बैंक में मैनेजर है तो बेटी आगरा के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात है।

रविवार को परिवार ने देखा कि 42 वर्षीय शिल्पी के कमरे में कोई हलचल नहीं हो रही है। वह परेशान होकर कमरे पर पहुंचे तो पाया कि वह अंदर से बंद है। झाककर देखा तो शिल्पी का शव फंदे के सहारे लटका हुआ था। यह देखकर परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद पुलिस को बुला लिया गया।

आगरा के बैंक में मैनेजर थी शिल्पी

परिजनों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि शिल्पी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया संजय पैलेस आगरा ब्रांच में सीनियर मैनेजर (स्केल तीन) के पद पर तैनात है। वह हाल ही में भाई की शादी के चलते छुट्‌टी पर आई थी लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।

भाई भी है सरकारी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर

एसएचओ सौरभ तिवारी ने बताया कि शिल्पी बैंक में जॉब करती थी। छानबीन में सामने आया है कि उसका भाई आशीष गुप्ता भी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में असिस्टेंट पद पर तैनात है। 30 तारीख को आशीष की बारात जानी है लेकिन उससे पहले ही बहन के साथ यह हादसा हो गया।

पिता रिटायर्ड दरोगा, मां गृहणी

एसएचओ ने बताया कि शिल्पी के पिता सत्येंद्र कुमार गुप्ता पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के पद से रिटायर हैं। शिल्पी की मां का नाम आभा गुप्ता है जो एक गृहणी है। परिवार का कोई भी शख्स यह बता नहीं पा रहा है कि इस सुसाइड की वजह क्या है।

पोस्टमार्टम से स्थिति होगी स्पष्ट

सीओ सिविल लाइन (प्रभार) शुचिता सिंह ने बताया कि शिल्पी के शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। इससे पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

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