आर्थिक महाशक्ति बनाने के अग्रदूत युवा ही होंगे--उप राष्ट्रपति
देश को ग्लोबल लीडर के रूप में सामने लाने के लिए ईमानदारी, कार्य के प्रति समर्पण और सेवा भाव से काम करना होगा
2047 का विकसित भारतआर्थिक महाशक्ति बनकर भी उभरेगा
उपराष्ट्रपति ने छात्रों को विफलताओं से सीखकर जीवन में आगे बढ़ने की दी प्रेरणा
मेरठ। आईआईएमटी विवि के तृतीय दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि 2047 का विकसित भारत आर्थिक महाशक्ति भी बनकर उभरेगा। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत वर्ष को आर्थिक महाशक्ति बनाने के अग्रदूत युवा ही होंगे।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए छात्रों को संस्कारों का महत्व समझाया। भारत माता की जय के उद्घोष के साथ संबोधन शुरु करते हुए आईआईएमटी को नैक ए ग्रेड मिलने पर बधाई दी। माननीय उपराष्ट्रपति जी ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को माता-पिता और गुरुओं का सम्मान करने की सीख दी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सभी विद्यार्थी अपनी शिक्षा को राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाएं और नवाचार, आंत्रेप्रेन्योरशिप, स्टार्ट अप के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम, लक्ष्य के प्रति समर्पण और लगन जरूरी है। उपराष्ट्रपति ने नए स्नातकों से कहा कि वर्ष 2047 में जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे तब तक हम सबको मिलकर भारत को विकसित बनाना है। देश को ग्लोबल लीडर के रूप में सामने लाने के लिए ईमानदारी, कार्य के प्रति समर्पण और सेवा भाव से काम करना होगा। हाल ही में मेरठ दिल्ली के बीच नमो भारत ट्रेन सेवा और मेरठ में मेट्रो सेवा की शुरुआत से दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ी है जिससे विद्यार्थियोंऔर प्रोफेशनल्स के लिए कार्य के अवसर भी सहज सुलभ हुए हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में दीक्षा समारोह शैक्षिक यात्रा का समापन नहीं बल्कि बहुत से नए लक्ष्यों की शुरुआत है। विद्यार्थियों को बोले कि विफलता से घबराना नहीं चाहिए। हर विफलता नई सीख देती है। इसलिए विफलताओं से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ें।उन्होंने कहा कि युवाओं पर समाज को मजबूत करने की जिम्मेदारी है। आगे बढ़कर उस जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अच्छी शिक्षा बहुत जरूरी है। उन्होंने युवा पीढ़ी को अच्छे स्वास्थ्य के लिए देशी गाय का दूध सेवन करने के लिए भी प्रेरित किया।
दीक्षांत समारोह में 2024 बैच की 1736 डिग्री (145 डिप्लोमा, 1068 यूजी, 523 पीजी) तथा 2025 बैच की 1972 डिग्री (100 डिप्लोमा, 1401 यूजी, 450 पीजी) प्रदान की गयीं। 17 छात्र-छात्राओं को स्वर्गीय श्री ओम प्रकाश गुप्ता स्मृति पुरस्कार (यूनिवर्सिटी टॉपर), (डॉ.) सत्य प्रभा गुप्ता स्वर्ण पदक, कुलाधिपति स्वर्ण पदक दिए गए। करीब चार हजार विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 203 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, डॉक्टरेट की तीन मानद उपाधियां दी गयी।

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