महिंद्रा फाइनेंस का ‘धन संवाद’ कार्यक्रम अर्ध-शहरी और ग्रामीण समुदायों में वित्तीय सशक्तिकरण और डिजिटल कौशल को बढ़ावा दे रहा है

पटना। भारत की अग्रणी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में से एक महिंद्रा फाइनेंस ने प्लान इंटरनेशनल (इंडिया चैप्टर) के साथ साझेदारी में अपने प्रमुख CSR कार्यक्रम ‘धन संवाद’ को और मजबूत किया है, ताकि समुदायों में सार्थक परिवर्तन लाया जा सके। महिंद्रा फाइनेंस की जमीनी स्तर की विशेषज्ञता और प्लान इंटरनेशनल के परिणाम-उन्मुख प्रशिक्षण पर केंद्रित दृष्टिकोण का लाभ उठाते हुए यह साझेदारी वित्तीय साक्षरता की कमी को दूर करने के साथ-साथ दीर्घकालिक व्यवहारिक और डिजिटल सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देती है।

धन संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य गिग वर्कर्स, स्व-रोजगार से जुड़े लोगों और छोटे व्यवसायियों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से आत्मविश्वास के साथ जुड़ने और तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने के लिए सशक्त बनाना है। यह कार्यक्रम वित्त वर्ष 2024 में शुरू किया गया था और अब तक 4,95,000 से अधिक लोगों को सीधे लाभान्वित कर चुका है। इस पहल के माध्यम से लोगों को अपने वित्त का बेहतर प्रबंधन करने, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और वित्तीय आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल और उपकरण प्रदान किए गए हैं। यह पहल पहले ही 9 राज्यों के 40 जिलों में उल्लेखनीय जमीनी प्रगति कर चुकी है।

प्लान इंडिया इस कार्यक्रम के CSR कार्यान्वयन भागीदारों में से एक है, जो बिहार के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, मोतिहारी और पटना साहिब जिलों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। पिछले दो वर्षों में प्लान इंटरनेशनल ने अपने तकनीकी संसाधन साझेदार एलियोस मैनेजमेंट कंपनी के साथ मिलकर लगभग 70,000 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया है। इस कार्यक्रम की एक प्रमुख उपलब्धि 62,000 से अधिक DigiLocker खातों का सक्रिय होना है, जिससे प्रतिभागियों को आधार, पैन और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने की सुविधा मिली है।

इस पहल ने जन धन योजना, आयुष्मान भारत, ई-श्रम, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक लोगों की पहुंच बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता और उनसे जुड़ाव को बढ़ावा देकर यह पहल प्रतिभागियों को अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित करती है।

स्थानीय भाषाओं में इंटरैक्टिव और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं, कारीगरों, सूक्ष्म उद्यमियों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों जैसे विविध समूहों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान बजट प्रबंधन, जिम्मेदार ऋण लेना, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक और उपयोगी जानकारी मिल सके।

पटना में आयोजित एक प्रसार कार्यशाला के दौरान कार्यक्रम की सफलता पर टिप्पणी करते हुए नीलिमा डी’सिल्वा दलवी, वाइस प्रेसिडेंट – हेड CSR, महिंद्रा फाइनेंस ने कहा:

“धन संवाद इस विश्वास पर आधारित है कि वित्तीय साक्षरता और डिजिटल समावेशन सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस पहल और प्लान इंडिया के साथ हमारी साझेदारी के माध्यम से हम लोगों को सूचित वित्तीय निर्णय लेने और अपने जीवन व आजीविका को बेहतर बनाने वाले अवसरों तक पहुंच बनाने के लिए सशक्त बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य समुदायों को सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सक्षम बनाना और उनके आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।”

मोहम्मद आसिफ, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, प्लान इंटरनेशनल (इंडिया चैप्टर) ने कहा:

“महिंद्रा फाइनेंस के साथ हमारी साझेदारी ने हमें लक्षित और परिणाम-उन्मुख वित्तीय साक्षरता समाधान लागू करने का अवसर दिया है, जिसका व्यापक प्रभाव दिखाई दे रहा है। वित्तीय साक्षरता व्यक्तियों और समुदायों को लंबे समय में आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस साझेदारी के माध्यम से हम गिग वर्कर्स और छोटे उद्यमियों को उनकी वित्तीय समझ बढ़ाने और उन्हें विकसित हो रहे डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के साथ आत्मविश्वास के साथ जुड़ने के लिए सशक्त बना रहे हैं।”

धन संवाद कार्यक्रम की सफलता महिंद्रा फाइनेंस के CSR प्रयासों की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्तीय साक्षरता और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के अपने स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ कंपनी व्यक्तियों और समुदायों को आर्थिक सशक्तिकरण और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त कर रही है।


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