इजराइल -अमेरिका से बदला लेने के लिए ईरान को मिला हिजबुल्ला का साथ
तेहरान,एजेंसी। मध्य पूर्व में तनाव अब और बढ़ गया है। ईरान में हाहाकार है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर बहुत तबाही मचाई है। सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की भी मौत हो चुकी है।इसके बाद भी ईरान युद्ध के मैदान में डटा है। वह लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल पर अटैक कर बदला ले रहा है। इस बीच ईरान को हिजबुल्लाह का साथ मिल गया है। जी हां, ईरान-इजरायल युद्ध में हिजबुल्लाह की एंट्री हो गई है।
मिडिल-ईस्ट युद्ध की आग में जल रहा है। ईरान से लेकर इजरायल का आसमान धुआं-धुआं है। होली के मौके पर दुनिया बम-मिसाइल वाली दिवाली देख रही है। ईरान और इजरायल-अमेरिका में युद्ध जारी है. इजरायल-अमेरिका ने ईरान में कत्लेआम मचा दिया।ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। उनके परिवार को अमेरिका-इजरायल ने मिट्टी में मिला दिया। ईरान ने भी बदला लेने की ठान ली है। अमेरिका-इजरायल के अटैक के सामने अब तक झुका नहीं है। वह भी लगातार अमेरिका और इजरायल को चोट दे रहा है। अब ईरान का साथ देने के लिए उसका पाला-पोसा साथी आ गया है।जी हां, ईरान का बनाया लड़ाकों का ग्रुप हिजबुल्लाह अब युद्ध के मैदान में आ गया है।
दरअसल, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बाद लेबनान का हिजबुल्लाह ग्रुप अब खुलकर जंग के मैदान में आ गया है. यह ग्रुप अब इजरायल और अमेरिका से बदला लेना शुरू कर चुका है. यह वही हिजबुल्लाह है, जिसे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने सालों से पाला-पोसा था. अब तक यह सवाल था कि आखिर हिजबुल्लाह चुप क्यों है. क्यों ईरान का साथ नहीं दे रहा है. वह भी तब जब ईरान कमजोर पड़ता जा रहा है. यह भी सच है कि ईरान के कारण ही हिजबुल्लाह का वजूद है. मगर अब कुंभकरण वाली नींद से हिजबुल्लाह जाग गया है. वह ईरान की तरफ से इजरायल पर बम बरसाना शुरू कर चुका है. खुद इजरायल ने इसका सबूत दे दिया है.
हिजबुल्लाह की एंट्री, इजरायल ने किया कन्फर्म
जी हां, इजरायल की सेना यानी आईडीएफ ने बताया कि लेबनान से आज सुबह-सुबह इजरायल के हाइफा शहर पर छह रॉकेट दागे गए. यह हमला ऐसे समय हुआ जब इजरायल और अमेरिका ईरान पर बड़े हवाई हमले कर रहे हैं, जिसमें तेहरान समेत कई शहरों में निशाने साधे जा रहे हैं. इजरायल ने कहा है कि उसने हिजबुल्लाह के रॉकेट को इंटरसेप्ट कर लिया है. हालांकि, यह बात अब साफ हो गई है कि इजरायल को अब लेबनान से आने वाली मिसाइल और रॉकेट से भी सावधान रहना होगा. क्योंकि ईरान का साथ देने के लिए हिजबुल्लाह मैदान में कूद गया है. अब तक हिजबुल्लाह ने एक भी रॉकेट नहीं दागा था. मगर अब ऐसा लगता है कि उसकी एंट्री हो चुकी है.
और भड़केगी युद्ध की आग?
ईरान-इजरायल युद्ध में हिजबुल्लाह का शामिल होना इस जंग को और बड़ा बना रहा है. यह ग्रुप ईरान का सबसे बड़ा सहयोगी है. इसे खामेनेई ने हथियार, पैसा और ट्रेनिंग देकर मजबूत बनाया था. 1980 के दशक से हिजबुल्लाह ईरान की ‘एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस’ का हिस्सा है. यूं कहिए कि ईरान का अघोषित आर्मी है. हालांकि, अमेरिका-इजरायल और पश्चिम के देश हिजबुल्लाह को आतंकी संगठन मानते हैं. 2024 में इजरायल के साथ जंग के बाद हिजबुल्लाह कमजोर हो गया था, मगर अब ईरान के दबाव में वह फिर सक्रिय हो रहा है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और हिजबुल्लाह एक दूसरे के संपर्क में हैं और साथ मिलकर इजरायल पर अटैक करने का प्लान बना रहे हैं.
इजरायल को किया सरप्राइज
बहरहाल, लेबनान से दागे गए रॉकेट ने इजरायल को चौकन्ना कर दिया है। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने कहा कि लेबनान से छह रॉकेट हाइफा पर दागे गए, जिससे उत्तरी इजरायल में सायरन बज गए।यह 2024 के सीजफायर के बाद लेबनान से पहला बड़ा हमला है।हालांकि, हिजबुल्लाह ने अभी आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी नहीं ली. लेकिन इजरायल और अन्य रिपोर्ट सा कहना है कि यह हिजबुल्लाह का ही काम है. नए डेवलपमेंट्स से यह साफ है कि यह जंग अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है। अभी और युद्ध की आग भड़कने वाली है। वैसे भी ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइल दागी हैं, जिससे तेल अवीव और अन्य इलाकों में नुकसान हुआ. इतना ही नहीं, मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी अमेरिकी एयरबेस को ईरान ने टारगेट किया है. अमेरिका ने भी पहली बार कैजुअल्टी की खबर दी, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए।


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