खुशहाल नगर में घर में चलता मिला मिनी टेलिफोन एक्सचेंज
उपकरण के साथ दो को किया पुलिस ने गिरफ्तार
मेरठ। लिसाड़ी गेट पुलिसने टेलीफोन एक्सचेंट से मिले इनपुट के आधार पर फर्जी टेलिफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार दो आरोपियों से पुलिस ने तीन सिम बाॅक्स, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, 15 सिम समेत अन्य उपकरणों को बरामद किया है। आरोपी जगह बदल-बदल कर फर्जी मिली टेलिफोन एक्सचेंज चला रहे थे।
पकड़े गये आरोपी फर्जी टेलिफोन एक्सचेंज चला कर विदेश से आने वाली कॉल को वीओआईपी यानी वॉयस ऑवर इंटरनेट प्रोटोकॉल के माध्यम से स्थानीय कॉल में बदल देते थे। इस काम के लिए सिम बॉक्स और फर्जी कागजात से लिए गये सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। इससे टैक्स की चोरी कर देश को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था। विदेश से आने वाली कॉल का रिकार्ड भी टेलिफोन एक्सचेंज के पास नहीं होता था। ऐसे में लगातार इस तरह की कॉल को लेकर इनपुट टेेलिफोन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस से साझा किया था । यह भी बताया लिसाड़ी गेट इलाके से फर्जी टेलिफोन आपरेट किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस को इस काम के लिए लगाया गया। पुलिस ने खुशहाल नगर पानी की टंकी के पास उस्मान को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में खुलासा किया नदीम के जिलानी गार्डन स्थिति आवास पर टेलिफोन एक्सचेंज बनाया हुआ है। इसके बाद पुलिस ने जिलानी गार्डन में नदीन के मकान पर छापा मारा तो वहां टेलिफोन एक्सचेंज चलता मिला। पुलिस ने यहां से तीन सिम बॉक्स, 15 सिम, लैपटॉप , तीन मोबाइल समेत राउटर ,इंटरनेट केबिल अन्य सामान को बरामद किया।
पूछताछ में पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि उन्हें एक परिचित ने फर्जी टेलिफोन एक्सचेंज चलाने का सुझाव दिया था । इसके बाद उन्होंने एक युवक से सम्पर्क किया। जिसने विदेश से सिम बॉक्स मंगवाने और लगाने के लिए पचास हजार रूपये मांगे थे। उसी युवक ने घर में सिम बॉक्स लगाए थे। ये भी बताया कि इसकी जगह लगातार बदलते रहना ऐसे में कभी नदीम और कभी उस्मान अपने इसे चलाने लगे।
माल की देने आए थे डिलीवरी
एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि उस्मान और नदीम नकली टेलीफोन एक्सचेंज लगाने का काम करते हैं। यह जानकारी दोनों ने पूछताछ के दौरान दी है। उन्होंने बताया कि यह सारा माल वह किसी को डिलीवर करने आए थे। इससे पहले कि वह सामान सौंप पाते, पुलिस ने दबोच लिया। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले यह आर्डर मिला था।
मामले की छानबीन में जुटी पुलिस
एसएचओ ने बताया कि यह जो सामान मिला है, उसका उपयोग टेलीफोन एक्सचेंज के संचालन में होता है। इन उपकरणों की संख्या करीब 12 से 15 लाख रुपये है। पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं, जिनमें चोरी का माल सस्ते दाम में बेचकर आरोपी फरार हो जाते हैं। फिलहाल पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्हें टेलीफोन एक्सचेंज लगाना था।


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